डेंगू का कहर: जम्मू-कश्मीर में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीज़, 700 के करीब पहुंचा आंकडा
जम्मू जिले में दो दिन में डेंगू के 83 मामले। जम्मू कश्मीर में आंकड़ा 700 पहुंच चुका है। जम्मू जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। वहीं कठुआ जिले में तीस लोग डेंगू से पॉजिटिव मिले दो दिनों में 50 नए मामले सामने आए।
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पारा गिरने के बावजूद डेंगू का डंक जारी है। पिछले दो दिन में प्रदेश में 83 नए डेंगू के मामले मिले हैं। इनमें अधिकांश मामले जिला जम्मू, कठुआ और सांबा में आए हैं। डेंगू के मामले बढ़ने के साथ मच्छरों के सफाए के लिए अभियान तेज किया गया है। जिला जम्मू में नए 27 डेंगू के मामले मिले हैं। इस जिले में सर्वाधिक 452 मामले मिल चुके हैं। इसी तरह कठुआ में 31 नए मामलों के साथ आंकड़ा 123 पहुंच गया है। सांबा में नए 22 मामलों के साथ अब तक 60 मामले मिल चुके हैं। जम्मू संभाग का लगभग हर जिला डेंगू से प्रभावित है। शहर के जीएमसी और एसएमजीएस सहित अन्य अस्पतालों में डेंगू और वायरल बुखार से बड़ी संख्या में पीड़ित होकर लोग पहुंच रहे हैं।
कठुआ जिले में डेंगू महामारी बढ़ती ही जा रही है। पिछले पांच दिन तक डेंगू जांच किट न होने से जीएमसी में डेंगू जांच बंद थी। इसका नतीजा यह हुआ कि डेंगू की जांच शुरू होने पर अब लगातार डेंगू पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। बीरवार को जीएमसी से जांच रिपोर्ट सामने आई तो 30 लोगों डेंगू से पॉजिटिव मिले। दो ही दिन में 50 नए डेंगू के मामले अब सामने आ गए हैं। जिले में अब डेंगू के मरीजों का आधिकारिक आंकड़ा 131 पहुंच गया है। वहीं, निजी जांच रिपोर्टों को भी जोड़ लें तो एक महीने में कठुआ जिले में सामने आए डेंगू के मामले 300 से भी अधिक हो गए हैं। कई लोग पंजाब में तो कई लोग जीएमसी के बजाय निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं।
जिले में बीते डेढ़ महीने में डेंगू से दो मौत हो चुकी हैं जबकि गोविंदसर गांव में दो से तीन मौत संदिग्ध बुखार के बाद और भी हुई हैं। जिन इलाकों में अब स्प्रे करवाया जा रहा है, दरअसल उन इलाकों में बुखार से पीड़ित लोगों के सैंपल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिए थे, लेकिन उनकी रिपोर्ट आने में एक सप्ताह का समय लग गया। इस अवधि में और भी कई लोग आसपास के क्षेत्रों से डेंगू की चपेट में आए होंगे। उधर, शहर के वार्ड छह में तीन-तीन बार फॉगिंग और एंटी लारवा स्प्रे के बावजूद भी डेंगू के नए मामले आने का सिलसिला लगातार जारी है।
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गुुरुवार को आई जांच रिपोर्ट में सामने आए 30 मामलों में गोविंदसर गांव से 12, सीटीएम कॉलोनी से छह, शिवानगर और वार्ड नंबर 16 से छह मामले, वार्ड नंबर छह कठुआ से आठ मामले सामने आए हैं। वहीं इसके अलावा हटली मोड़, जंगलोट, कृष्णा कॉलोनी, हटली, फलोट, लोगेट, नगरी, वार्ड नंबर एक कठुआ, वार्ड नंबर तीन कठुआ में भी डेंगू पांव पसार चुका है। स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग की टीमें वीरवार को उन इलाकों में एंटी लारवा स्प्रे में जुटी नजर आई, जिन इलाकों से बुधवार को डेंगू पॉजिटिव केस रिपोर्ट हुए थे।
वहीं, गुरुवार को जन सेवा संस्थान संस्था के अध्यक्ष शशि शर्मा की अध्यक्षता में शिष्टमंडल मुख्य चिकित्सा अधिकारी और डीसी कठुआ से मिला। उन्होंने जमीनी हकीकत से अवगत करवाते हुए बताया गया कि गोविंदसर गांव में सौ से अधिक लोगों को डेंगू का डंक लग चुका है। दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। सरकारी आंकड़ों के साथ निजी आंकड़े मेल नहीं खा रहे हैं, ऐसे में यह लापरवाही अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। लिहाजा उचित इंतजाम तत्काल सुनिश्चित किए जाने चाहिए और प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को तुरंत भेजना चाहिए।