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बदलाव: अब पद्मा सचदेव के नाम से जाना जाएगा जम्मू का गांधीनगर महिला कॉलेज
Thu, 16 Dec 2021 12:09 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:09 PM IST
सार
नगर निगम के मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने नाम का उद्घाटन। प्रदेश की डोगरी भाषा की पहली आधुनिक कवयित्री और पद्मश्री को सरकार ने दिया सम्मान।
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गांधी नगर महिला कॉलेज जम्मू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजकीय महिला पीजी कॉलेज गांधीनगर का नाम अब डोगरी भाषा की पहली आधुनिक कवयित्री पद्मश्री पद्मा सचदेव के नाम पर कर दिया गया है। बुधवार को नगर निगम जम्मू के मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने नाम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में पहुंचे पद्मा सचदेव के परिजनों और अन्य ने पद्मा सचदेव अमर रहें के जयघोष लगाए। उनकी डोगरी और हिंदी में लिखी गई कविताओं का छात्राओं ने पाठ किया।
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जानकारी के अनुसार हाल ही में सरकार ने शहीदों और महान हस्तियों के नाम पर संस्थानों के नाम बदलने का निर्णय लिया था। इसी के तहत गांधीनगर कॉलेज का नाम बदलकर पद्मा सचदेव रखकर उनको सम्मान दिया गया है। प्राचार्य संगीता नागरी ने बताया कि कॉलेज में करवाए कार्यक्रम में पद्मा सचदेव के सगे-संबंधी और मुंबई से उनके परिजन भी वर्चुअल मोड़ से जुड़े।
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छात्राओं ने प्रदेश की पहली डोगरी भाषा की आधुनिक कवयित्री को उनके गीतों और कविताओं के माध्यम से याद किया। बता दें कि पद्मा सचदेव की पहचान कवयित्री होने के साथ-साथ एक लेखिका की भी है। वह डोगरी के अलावा हिंदी में भी लिखती थीं। ‘मेरी कविता मेरे गीत’ के लिए उन्हें 1971 में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
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2001 में पद्मश्री और 2007-08 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कबीर सम्मान प्रदान किया गया। 2016 में डोगरी भाषा में लिखी उनकी कृति ‘चित्त चेते’ के लिए उन्हें सरस्वती सम्मान से सम्मानित किया गया, यह उनकी आत्मकथात्मक रचना है। चार अगस्त, 2021 को उनका निधन हो गया।