बडगाम टारगेट किलिंग: कश्मीरी पंडितों के प्रदर्शन में जा रही महबूबा नजरबंद, कहा- सरकार हिंदू और मुसलमानों को लड़ा रही
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि वह कश्मीरी पंडितों के समर्थन में बडगाम जाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें पुलिस ने नजरबंद कर दिया। कश्मीरी मुसलमान और पंडित एक-दूसरे के दर्द के प्रति हमेशा सहानुभूति रखते हैं।
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बडगाम में आतंकी हमले में मारे गए कश्मीरी पंडित कर्मचारी की हत्या के बाद धरना-प्रदर्शन जारी है। इसके बाद कश्मीर में सभी राजनीतिक दल कश्मीरी पंडितों के समर्थन में आ गए हैं। इससे जम्मू कश्मीर में सियासत फिर से गरमा गई है। कश्मीरी पंडितों के विरोध को समर्थन देने जा रही प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को नजरबंद कर लिया गया है।
महबूबा ने सोशल मीडिया संदेश से दी जानकारी
उन्होंने इसकी जानकारी एक सोशल मीडिया संदेश से दी। उन्होंने लिखा कि वह कश्मीरी पंडितों के समर्थन में बडगाम जाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें पुलिस ने नजरबंद कर दिया। कश्मीरी मुसलमान और पंडित एक-दूसरे के दर्द के प्रति हमेशा सहानुभूति रखते हैं।
घाटी में हालत लगातार खराब होते जा रहे
उन्होंने कहा कि घाटी में हालत खराब होते जा रहे है। सरकार हिंदू और मुसलमानों को आपस में लड़ाने का खेल खेल रही है। हिंदू को मुसलमानों और मुसलमानों को हिंदुओं का सबसे बड़ा दुश्मन बना कर पेश किया जा रहा है। कश्मीर में रहने वाले सभी समुदायों से गुजारिश करती हूं कि वह हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की हिफाजत की पुरजोर वकालत करें।
सरकार को मुसलमानों को बदनाम करने का मौका ना मिले
जम्मू-कश्मीर में भाईचारे का इतिहास रहा है। वह बरकरार रहना चाहिए जिससे सरकार को मुसलमानों को बदनाम करने का मौका ना मिले सके। बतातें चलें कि वीरवार की शाम को बडगाम में कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट्ट की आतंकियों ने दफ्तर में घुसकर हत्या कर दी थी। इसके बाद पूरे घाटी में प्रदर्शन चल रहा है।