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ईंट भट्ठे पर बंधक बनाए गए 70 मजदूरों को छुड़ाया

Sun, 31 Dec 2017 12:17 AM IST
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:17 AM IST
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ईंट भट्ठे पर बंधक बनाए गए 70 मजदूरों को छुड़ाया
रियासी। जिला प्रशासन ने शनिवार को पौनी के लेतर क्षेत्र में स्थित एक ईंट भट्ठे पर बंधक बनाए गए मजदूर परिवारों को मुक्त कराया। भट्ठे पर मजदूरों को काम पर लगवाने के एवज में ठेकेदार भट्ठा संचालक से मोटी रकम लेकर फरार हो गया। बाद में संचालक उसे छोड़ ही नहीं रहा था। उनके साथ बंधकों की तरह बरताव शुरू कर दिया गया। प्रशासन को जब इसकी सूचना मिली तो कुल सत्तर मजदूरों और उनके परिवार के सदस्यों को भट्ठा संचालकों से मुक्त करवाया।
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मुक्त करवाए गए सत्तर लोगों में काफी संख्या में महिलाएं तथा बच्चे भी शामिल हैं। सभी छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के रहने वाले बताए जाते हैं। छानबीन में पता चला कि इन मजदूरों को काम के बदले केवल खाना दिया जाता था। क्योंकि मजदूरी के नाम पर ठेकेदार ने मोटी रकम ले रखी थी। ऐसे हालात में मजदूरों को परिवार का पालन-पोषण करने में काफी परेशानी आने लगी। मजदूरों के साथ हो रहे व्यवहार की शिकायत दिल्ली में स्थित बंधुआ मजदूरों के राष्ट्रीय कनवीनर के पास पहुंची। उसके बाद उनकी टीम लेतर पहुंच कर सारी स्थिति की जानकारी प्राप्त की। लगभग दो महीने तक मजदूरों के साथ हो रहे ऐसे बर्ताव की जानकारी जुटाई गई। बाद में इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई। शुक्रवार को प्रशासन तथा पुलिस की एक टीम ने मौके पर पहुंच कर सभी को वहां से छुड़ा कर रियासी लाया। शनिवार को जिला विकास आयुक्त प्रसन्ना रामास्वामी ने जनाना पार्क में पहुंच कर मजदूरों से बातचीत की। कुछ की सेहत ठीक नहीं होने के कारण इनका मेडिकल जांच जिला अस्पताल में करवाया गया। बाद में सभी को शाम में सनातन धर्म सभा में ठराया गया। प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार छुड़ाए गए सभी लोगों को उनके घर भेजने की तैयारी की जा रही है। इन लोगों को फंसाने के लिए सभी जिम्मेदार लोगों पर हरसंभव कार्रवाई की जाएगी।
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मजदूर परिवारों ने किया हंगामा
शाम को सनातन धर्म सभा में ठहराए गए मजदूर परिवारों ने उस समय हंगामा शुरू कर दिया, जब उन्हें सभा में खाने-पीने और रहने की उचित व्यवस्था नहीं मिली। हंगामा की जानकारी मिलने पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मजदूरों से बातचीत की। फिर उनके लिए खाने का प्रबंध किया गया। काफी देर बात मामला शांत हुआ।
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