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अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रेड अलर्ट

Fri, 05 Jan 2018 01:09 AM IST
Updated Fri, 05 Jan 2018 01:09 AM IST
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अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रेड अलर्ट
आरएस पुरा।
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अरनिया सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ करने के प्रयास को विफल करने पर एक घुसपैठिए को मार गिराने के बाद आरएस पुरा सेक्टर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सीमा पर सुरक्षा के कडे़ प्रबंध कर जवानाें को चौकस रहने की हिदायत दी गई। जवानों को हर स्थिति से सख्ती से निपटने के लिए कहा गया है।
इन दिनाें पड़ रही धुंध के चलते दिन के समय ही अंधेरा हो जा रहा है। सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवान व अधिकारी पहले से ही मुस्तैदी के साथ पाकिस्तान क्षेत्र में नजर रखे हुए हैं। प्रशासन की ओर से सीमांत क्षेत्र से आने वाले वाहनाें को कड़ी जांच पड़ताल करने के उपरांत ही रवाना किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण सुरक्षा समितियाें को रात के समय गांव में पुलिस के साथ गश्त करने का निर्देश जारी किए गए हैं। सीमावर्ती ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से शाम ढलने पर घरों में ही रहने के लिए कहने के साथ गांव में किसी संदिग्ध के देखे जाने पर पुलिस या सेना व बीएसएफ के अधिकारियों को सूचित करने का आग्रह किया गया।
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पहाड़ी क्षेत्र में बर्फ बारी के बाद अब पाकिस्तान की ओर से मैदानी क्षेत्र में घुसपैठ कराए जाने की सुरक्षा एजेंसियाें के इनपुट होने पर प्रशासन की ओर से सीमा पर कड़ी चौकसी करने के लिए सेना व अर्ध सैनिक बलाें को निर्देश जारी किया गया।
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सीमावर्ती ग्रामीणों में दहशत का माहौल
आरएस पुरा। आरएस पुरा सेक्टर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे ग्रामीणाें मेें पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन कर गोलाबारी करने से दहशत का माहौल है। गांव सुचेतगढ़ के पूर्व सरपंच स्वर्ण लाल भगत का कहना है कि जिस प्रकार सांबा, अरनिया, नौशेरा आदि में पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की जा रही है। उससे लगता है कि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अब्दुल्लियां गांव के पूर्व सरपंच चौधरी बचन सिंह का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से अब अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानाें को स्नाइपर शाट से निशाना बनाया जा रहा, उससे लगता है कि वह भारतीय जवानों का मनोबल तोड़ने का प्रयास करने में लगे हैं। उन्हाेंने कहा कि अगर पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की जाती है तो बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गाें को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के उपरांत युवा वर्ग के लोग सीमा पर तैनात जवानों की सहायता के लिए सीमांत गांव मेें रहेंगे। चौधरी र्स्वण सिंह का कहना है कि पाक की ओर से गोलाबारी करने पर प्रशासन को चाहिए कि परिवार के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने की व्यवस्था करे, ताकि गोलाबारी आरंभ होने पर गांव से बाहर निकल पाना मुश्किल बनने पर ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

एसडीएम नरेश शर्मा का कहना है कि सीमांत ग्रामीणों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं। अगर सीमा पर गोलाबारी की नौबत आती है तो इसके लिए सभी प्रबंध प्रशासन की ओर से किए जाएंगे।
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