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डिप्टी सीएमओ के निलंबन पर हाई वोल्टेज ड्रामा
Updated Sun, 26 Nov 2017 01:30 AM IST
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किश्तवाड़। एक शिक्षक के अटैचमेंट और डिटैचमेंट के मामले में किश्तवाड़ डीसी और डिप्टी सीईओ के बीच उपजे विवाद ने शनिवार को हाई वोल्टेज ड्रामे का रूप ले लिया। आदेश को नहीं मानने और चैंबर में बदसलूकी करने के आरोप में डीसी ने शुक्रवार को डिप्टी सीईओ को निलंबित कर दिया। लेकिन दूसरे ही दिन शनिवार को स्कूली शिक्षा विभाग के सचिव ने डीसी द्वारा जारी निलंबन आदेश को रद्द कर दिया। उसके बाद डिप्टी सीईओ को फूल माला पहनाकर जश्न मनाया गया।
दरअसल, बोंजवा तहसील कार्यालय के इलेक्शन सेल में अटैच एक शिक्षक को डिटैच करने का आदेश डिप्टी सीईओ जावेद अहमद किचलू ने जारी कर दिया। इस पर डीसी अंग्रेज सिंह राणा ने डिप्टी सीईओ को इस आदेश को वापस लेने को कहा। डीसी के चैंबर में ही डिप्टी सीईओ ने उनके आदेश को मानने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि वह डीसी के आदेश को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं। वह शिक्षा निदेशक के अधीन है। इस दौरान डीसी चैंबर में डीसी और डिप्टी सीईओ के बीच काफी गरमागरमी हुई। आखिर डीसी ने अवमानना के आरोप में डिप्टी सीईओ को निलंबित कर दिया।
निलंबन आदेश जारी होते ही मामले ने सियासी रंग पकड़ लिया। शिक्षक संघ ने आपत बैठक बुलाकर जिले के सभी सरकारी स्कूलों को शनिवार को बंद रखने का फैसला किया गया। शनिवार को कई शिक्षा संगठनों के लोगों ने डिप्टी सीईओ का निलंबन वापस लेने और डीसी के तबादले की मांग करते हुए डिप्टी सीईओ कार्यालय से डीसी कार्यालय तक रैली निकाली। घंटों धरना-प्रदर्शन किया। एएसपी प्रबीत सिंह और डीएसपी हेडक्वार्टर निहार रंजन ने शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया, परंतु प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने एक नहीं मानी।
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दोपहर बाद जम्मू सिविल सचिवालय से स्कूल एजूकेशन विभाग के सचिव फारूक अहमद शाह ने डीसी द्वारा निकाले गए निलंबन आदेश को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया गया। इस आदेश में कहा गया कि किसी भी शिक्षक को अन्य किसी विभाग में तैनात नहीं किया जाए। कार्यालयों में अटैच शिक्षकों को तुरंत डिटैच किया जाए। इस आदेश के निकलते ही डिप्टी सीईओ जावेद अहमद को फूल मालाएं पहनाकर ऐसा जश्न मनाया गया, जैसे वह किसी चुनाव में जीत हासिल की हो।
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... तो मैं शिक्षा विभाग नहीं देखूं
डीसी अंग्रेज सिंह राणा ने साफ कहा कि हमारी तरफ से बदतमीजी नहीं हुई, डिप्टी सीईओ की तरफ से की गई। उन्होंने कहा कि मेरे हवाले से उन्होंने शिक्षक को डिटैच करने का आदेश जारी कर दिया। इस पर मैंने उन्हें चैंबर में बुलाया और निर्देश दिया कि इस शिक्षक का आदेश वापस लें। 30 नवंबर तक वहीं सेल में काम करने दें। परंतु डिप्टी सीईओ ने साफ इनकार कर दिय और कहा कि मुझे अपने विभाग से आदेश मिला है। उसके बाद उन्होंने भला-बुरा कहना शुरू किया। आखिर मैंने गार्ड को बुलाकर उन्हें बाहर किया। इस मामले को सोशल मीडिया पर गलत तरीके प्रचार किया गया। डिप्टी सीईओ के निलंबन आदेश को रद्द करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि शिक्षा विभाग को हम नहीं देखें क्या...?
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दरअसल, बोंजवा तहसील कार्यालय के इलेक्शन सेल में अटैच एक शिक्षक को डिटैच करने का आदेश डिप्टी सीईओ जावेद अहमद किचलू ने जारी कर दिया। इस पर डीसी अंग्रेज सिंह राणा ने डिप्टी सीईओ को इस आदेश को वापस लेने को कहा। डीसी के चैंबर में ही डिप्टी सीईओ ने उनके आदेश को मानने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि वह डीसी के आदेश को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं। वह शिक्षा निदेशक के अधीन है। इस दौरान डीसी चैंबर में डीसी और डिप्टी सीईओ के बीच काफी गरमागरमी हुई। आखिर डीसी ने अवमानना के आरोप में डिप्टी सीईओ को निलंबित कर दिया।
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निलंबन आदेश जारी होते ही मामले ने सियासी रंग पकड़ लिया। शिक्षक संघ ने आपत बैठक बुलाकर जिले के सभी सरकारी स्कूलों को शनिवार को बंद रखने का फैसला किया गया। शनिवार को कई शिक्षा संगठनों के लोगों ने डिप्टी सीईओ का निलंबन वापस लेने और डीसी के तबादले की मांग करते हुए डिप्टी सीईओ कार्यालय से डीसी कार्यालय तक रैली निकाली। घंटों धरना-प्रदर्शन किया। एएसपी प्रबीत सिंह और डीएसपी हेडक्वार्टर निहार रंजन ने शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया, परंतु प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने एक नहीं मानी।
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दोपहर बाद जम्मू सिविल सचिवालय से स्कूल एजूकेशन विभाग के सचिव फारूक अहमद शाह ने डीसी द्वारा निकाले गए निलंबन आदेश को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया गया। इस आदेश में कहा गया कि किसी भी शिक्षक को अन्य किसी विभाग में तैनात नहीं किया जाए। कार्यालयों में अटैच शिक्षकों को तुरंत डिटैच किया जाए। इस आदेश के निकलते ही डिप्टी सीईओ जावेद अहमद को फूल मालाएं पहनाकर ऐसा जश्न मनाया गया, जैसे वह किसी चुनाव में जीत हासिल की हो।
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... तो मैं शिक्षा विभाग नहीं देखूं
डीसी अंग्रेज सिंह राणा ने साफ कहा कि हमारी तरफ से बदतमीजी नहीं हुई, डिप्टी सीईओ की तरफ से की गई। उन्होंने कहा कि मेरे हवाले से उन्होंने शिक्षक को डिटैच करने का आदेश जारी कर दिया। इस पर मैंने उन्हें चैंबर में बुलाया और निर्देश दिया कि इस शिक्षक का आदेश वापस लें। 30 नवंबर तक वहीं सेल में काम करने दें। परंतु डिप्टी सीईओ ने साफ इनकार कर दिय और कहा कि मुझे अपने विभाग से आदेश मिला है। उसके बाद उन्होंने भला-बुरा कहना शुरू किया। आखिर मैंने गार्ड को बुलाकर उन्हें बाहर किया। इस मामले को सोशल मीडिया पर गलत तरीके प्रचार किया गया। डिप्टी सीईओ के निलंबन आदेश को रद्द करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि शिक्षा विभाग को हम नहीं देखें क्या...?