{"_id":"5942e4ce4f1c1bb8438b47a4","slug":"181497556174-jammu-and-kashmir-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बराबर पर छूटे ऐतिहासिक दंगल के मुकाबले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बराबर पर छूटे ऐतिहासिक दंगल के मुकाबले
Updated Fri, 16 Jun 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलावर। रामकोट के ऐतिहासिक दंगल का फाइनल मुकाबला यानी बड़ी माली की कुश्ती दिल्ली के प्रसिद्ध पहलवान वरुण गुज्जर और पंजाब मलेर कोटला के नामी पहलवान अब्दुल गनी के बीच बराबरी पर रही। दोनों पहलवानों को आयोजकों ने 85 हजार रुपए का नगद इनाम दिया गया। जबकि दंगल की छोटी माली के लिए पहलवान रिम्मल और मेजर लीला के बीच हुआ मुकाबला भी टाई रहा। दोनों को संयुक्त रूप से 31 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया गया।
दंगल के फाइनल मुकाबले के लिए लगातार पैंतीस मिनट तक चली कुश्ती में जब दोनों पहलवानों ने हार मानने से इनकार कर दिया तो मजबूर होकर आयोजकों को मुकाबला टाई घोषित करना पड़ा। यही नहीं इससे पहल छोटी माली का मुकाबला भी बराबरी पर ही छूटा। तीसरी माली की कुश्ती का भी किसी एक पहलवान के लिए नहीं किया जा सका। रामकोट का ऐतिहासिक दंगल वीरवार को राजा की मंडी मैदान में ठीक शाम चार बजे शुरू हुआ। जिसका नजारा देखने के लिए पच्चीस हजार से अधिक लोगों की भीड़ राजा की मंडी के मैदान में मौजूद थी। प्रत्येक कुश्ती में पहलवानों द्वारा लगाए जा रहे दावों पर लोग खूब सीटियां बजा रहे थे। शाम चार बजे के करीब शुरू हुआ दंगल शाम साढ़े आठ बजे तक जारी रहा। इस दौरान सौ के करीब कुश्तियों का लोगों ने मजा लिया।
इस बार विशेष बात यह रही की आयोजकों ने छिंज को सफल बनाने के लिए अन्य प्रदेशों से कई नामीगिरामी पहलवानों को आमंत्रित किया था। जिनके दांवपेंच ने सबको दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर कर दिया। लेकिन मुकाबले टाई होने से दर्शकों में निराशा भी दिखी। इस मौके पर एसडीएम राजेश बसोत्रा, तहीलदार विश्वजीत सिंह, एसएचओ सुशील शर्मा, राजेश गुप्ता, सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर जस्बाल आदि ने पहलवानों को इनाम और स्मृति चिह्न भेंट किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
दंगल के फाइनल मुकाबले के लिए लगातार पैंतीस मिनट तक चली कुश्ती में जब दोनों पहलवानों ने हार मानने से इनकार कर दिया तो मजबूर होकर आयोजकों को मुकाबला टाई घोषित करना पड़ा। यही नहीं इससे पहल छोटी माली का मुकाबला भी बराबरी पर ही छूटा। तीसरी माली की कुश्ती का भी किसी एक पहलवान के लिए नहीं किया जा सका। रामकोट का ऐतिहासिक दंगल वीरवार को राजा की मंडी मैदान में ठीक शाम चार बजे शुरू हुआ। जिसका नजारा देखने के लिए पच्चीस हजार से अधिक लोगों की भीड़ राजा की मंडी के मैदान में मौजूद थी। प्रत्येक कुश्ती में पहलवानों द्वारा लगाए जा रहे दावों पर लोग खूब सीटियां बजा रहे थे। शाम चार बजे के करीब शुरू हुआ दंगल शाम साढ़े आठ बजे तक जारी रहा। इस दौरान सौ के करीब कुश्तियों का लोगों ने मजा लिया।
विज्ञापन
इस बार विशेष बात यह रही की आयोजकों ने छिंज को सफल बनाने के लिए अन्य प्रदेशों से कई नामीगिरामी पहलवानों को आमंत्रित किया था। जिनके दांवपेंच ने सबको दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर कर दिया। लेकिन मुकाबले टाई होने से दर्शकों में निराशा भी दिखी। इस मौके पर एसडीएम राजेश बसोत्रा, तहीलदार विश्वजीत सिंह, एसएचओ सुशील शर्मा, राजेश गुप्ता, सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर जस्बाल आदि ने पहलवानों को इनाम और स्मृति चिह्न भेंट किए।
विज्ञापन