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हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद निर्माण कार्य करने का मामला गर्माया
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:17 AM IST
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कठुआ। हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद लखनपुर से सटे दन्ना गांव में कृषि भूमि पर स्टोन क्रशर का निर्माण कार्य करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने लखनपुर-बसोहली मार्ग को लगभग एक घंटे तक जाम रखते हुए लोगों ने वन मंत्री, जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर दल बल के साथ पहुंचे तहसीलदार कठुआ ने लोगों को यथास्थिति बनाए रखने का आश्वासन दिया, लेकिन लोगों ने प्रदर्शन जारी रखा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे हटली के पूर्व सरपंच रमेश गुप्ता ने कहा कि वन मंत्री के बेटे के नाम पर तैयार किए जा रहे स्टोन क्रशर के लिए सात कनाल छह मरले भूमि हासिल की गई, जबकि मौके पर सत्तर कनाल भूमि घेरी गई है। उन्होंने प्रशासन की मदद से रातों-रात झुग्गियां बनाने का भी आरोप लगाया। गुप्ता ने कहा कि क्रशर से स्थानीय लोगों के लिए बीमारियां देने की तैयारी है। क्रशर से निकलने वाले धूल के गुबार से फसल को तो नुकसान होगा ही, लोगों का स्वास्थ्य भी प्रभावित होगा। उनका कहना था कि खास बात यह है कि जहां यह काम हो रहा है, वह इलाका सैन्य क्षेत्र से बिल्कुल सटा हुआ है। इसलिए यह गंभीर मामला है। उन्हाेंने कहा कि सीधे तौर पर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही है। इसलिए इस मामले में प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों में धनोड़ के पवन सिंह ने कहा कि उक्त भूमि को कृषि संबंधित कार्यों के लिए लोगों से खरीदी गई थी। पवन ने राजस्व विभाग पर भूमि की स्थिति बदल देने का आरोप लगाया और कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं, मौके पर पुलिस दल के साथ पहुंचे तहसीलदार कठुआ अवतार सिंह ने लोगों को आश्वस्त किया कि यथास्थिति बनाए रखी जाएगी और कोर्ट के अगले निर्देश तक उक्त भूमि पर किसी भी किस्म का निर्माण नहीं करने दिया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर ही वन मंत्री के दबाव में निर्माण करवाने का आरोप लगाया है। लगभग एक घंटे तक सड़क जाम करने के बाद प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देकर मार्ग पर यातायात बहाल करवा दिया। इसके बाद जिला उपायुक्त और जिला पुलिस प्रमुख भी उक्त भूमि पर हुए निर्माण का जायजा लेने पहुंचे।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे हटली के पूर्व सरपंच रमेश गुप्ता ने कहा कि वन मंत्री के बेटे के नाम पर तैयार किए जा रहे स्टोन क्रशर के लिए सात कनाल छह मरले भूमि हासिल की गई, जबकि मौके पर सत्तर कनाल भूमि घेरी गई है। उन्होंने प्रशासन की मदद से रातों-रात झुग्गियां बनाने का भी आरोप लगाया। गुप्ता ने कहा कि क्रशर से स्थानीय लोगों के लिए बीमारियां देने की तैयारी है। क्रशर से निकलने वाले धूल के गुबार से फसल को तो नुकसान होगा ही, लोगों का स्वास्थ्य भी प्रभावित होगा। उनका कहना था कि खास बात यह है कि जहां यह काम हो रहा है, वह इलाका सैन्य क्षेत्र से बिल्कुल सटा हुआ है। इसलिए यह गंभीर मामला है। उन्हाेंने कहा कि सीधे तौर पर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही है। इसलिए इस मामले में प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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प्रदर्शनकारियों में धनोड़ के पवन सिंह ने कहा कि उक्त भूमि को कृषि संबंधित कार्यों के लिए लोगों से खरीदी गई थी। पवन ने राजस्व विभाग पर भूमि की स्थिति बदल देने का आरोप लगाया और कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं, मौके पर पुलिस दल के साथ पहुंचे तहसीलदार कठुआ अवतार सिंह ने लोगों को आश्वस्त किया कि यथास्थिति बनाए रखी जाएगी और कोर्ट के अगले निर्देश तक उक्त भूमि पर किसी भी किस्म का निर्माण नहीं करने दिया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर ही वन मंत्री के दबाव में निर्माण करवाने का आरोप लगाया है। लगभग एक घंटे तक सड़क जाम करने के बाद प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देकर मार्ग पर यातायात बहाल करवा दिया। इसके बाद जिला उपायुक्त और जिला पुलिस प्रमुख भी उक्त भूमि पर हुए निर्माण का जायजा लेने पहुंचे।
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