फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   अजीब मौसम से वॉयरल बुखार के बढ़ने लगे मामले

अजीब मौसम से वॉयरल बुखार के बढ़ने लगे मामले

Sat, 30 Dec 2017 12:17 AM IST
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:17 AM IST
विज्ञापन
अजीब मौसम से वॉयरल बुखार के बढ़ने लगे मामले
कठुआ। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत में हुई बारिश के बाद एक बार फिर सूखी सर्दी का मौसम है। पिछले दस दिनों से मौसम के उतार चढ़ाव के बीच लगातार तापमान में रोजाना तीन से चार डिग्री का अंतर आ रहा है। कभी तापमान अचानक घट जाता है तो कभी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में यह मौसम आम लोगों के शरीर को भी रास नहीं आ रहा है। बूढ़े और बच्चे सबसे जल्द इस मौसम से होने वाली बिमारियों की चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञ डाक्टरों की मानें तो जिला अस्पताल की ओपीडी में ही तीस से चालीस फीसदी मरीज पिछले एक सप्ताह में ऐसे आए हैं जिन्हें बुखार, जुकाम, खांसी और गले की खराश से संबंधित रोग सामने आए हैं। सांस जनित यह रोग तेजी से अन्य लोगों को भी अपनी जकड़ में ले रहे हैं।
विज्ञापन

वॉयरल बुखार के चलते शरीर कांपने से लेकर दर्द होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ईएनटी विशेषज्ञ डाक्टर मोहिंद्र लाल ने बताया कि दिसंबर के मौसम में तापमान कम रहता है और बारिश के बीच धूल आदि प्रदूषण के कण बैठे रहते हैं लेकिन इस बार के मौसम ने बिल्कुल उलट किया है। सूखा मौसम होने से तापमान भी कम नहीं हो रहा है। पिछले कुछ दिनों में वॉयरल बुखार के मामले तेजी से सामने आए हैं। वर्तमान में मौसम ऐसा है जैसे सर्दियां जाते समय और गर्मियों के आगमन का रहता है। यदि तापमान में गिरावट नहीं होती है तो और लोगों को भी वॉयरल बुखार की शिकायत सामने आ सकती है। ऐसे में उन्होंने समय पर डाक्टर से परामर्श लेने और दवा लेने की आवश्यक्ता है। साथ ही परहेज के तौर पर लोग इस समय मुंह, नाक ढंककर ही चले तो बेहतर है। अधिक से अधिक पानी पीएं।
विज्ञापन


बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा आ रहे चपेट में
जिला अस्पताल में बच्चों की ओपीडी में डाक्टर के पास रोजाना 150 से 180 मरीज इसी तरह के रोगों के पहुंच रहे हैं जबकि निजी क्लीनिकों पर मरीजों की संख्या इससे कहीं अधिक है। जिला अस्पताल में तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ डा. उत्तम ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों को यह मौसम सबसे अधिक परेशान करता है। इन दिनों हवा में प्रदूषण बढ़ने और सूखी सर्दी के चलते भी इस तरह के रोग बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे रोगों के समय घर में ध्यान रखने की जरूरत है ही बच्चों का बाहर भी ध्यान रखना जरूरी है। इस सीजन में बच्चों के इन बिमारियों की चपेट आने की संभावनाएं अधिक होती हैं चूंकि खेल के दौरान या फिर स्कूल में बच्चे एक साथ होते हैं ऐसे में बीमारियां ज्यादा तेजी से बढ़ती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed