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चुनाव में धांधली के आरोप में प्रदर्शन
Updated Mon, 18 Dec 2017 07:16 PM IST
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कठुआ। गुरु रविदास सभा के दस दिसंबर को हुए चुनावों में धांधली किए जाने का आरोप लगाया गया है। चुनाव में हारे पक्ष के उम्मीदवार और उसके समर्थकों ने रविवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव के दिन भी उन्होंने इसका विरोध किया, लेकिन चुनाव अधिकारी ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। इस बारे में उन्होंने जिला उपायुक्त को भी कुछ दिन पूर्व बता दिया था।
प्रदर्शनकारियों में शामिल मदन लाल ने कहा कि चुनाव के दिन जिन लोगों ने चुनाव किया और जो मतदाता सूचियां बनाई गईं, वह भी गलत थीं। इसकी शिकायत निर्वाचन अधिकारी को भी बताई गई, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। पंद्रह जनवरी को एक कमेटी का गठन किया गया था जो अवैध थी। इसकी शिकायत कोर्ट से की गई तो कोर्ट ने चुनाव करवाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद दूसरे पक्ष ने इससे सीख नहीं ली और चुनाव में धांधली कर अपने को विजेता बना लिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव चमार बिरादरी का था, लेकिन इसमें अन्य बिरादरी के लोगों ने भी हिस्सा लिया। इस बारे में भी चुनाव अधिकारी को बताया गया, लेकिन इसे रोकने के प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने बताया कि वह लिखित में जिला उपायुक्त को इस बारे में बता चुके हैं और अब उनकी मांग है कि इन चुनाव को रद्द किया जाए और प्रशासन अपनी निगरानी में चुनाव करवाए।
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इस संबंध में रविदास सभा के महासचिव लोकनाथ ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चुनाव में कोई धांधली नहीं हुई है। हमें उनके द्वारा धंाधली के आरोप लगाने का पता चला है, इसलिए आज हम जिला उपायुक्त से भेंट करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव न्यायालय द्वारा गठित बोर्ड और प्रथम श्रेणी न्यायाधीश की देखरेख में हुआ है। आरोप केवल हार की बौखलाहट हैं।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल मदन लाल ने कहा कि चुनाव के दिन जिन लोगों ने चुनाव किया और जो मतदाता सूचियां बनाई गईं, वह भी गलत थीं। इसकी शिकायत निर्वाचन अधिकारी को भी बताई गई, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। पंद्रह जनवरी को एक कमेटी का गठन किया गया था जो अवैध थी। इसकी शिकायत कोर्ट से की गई तो कोर्ट ने चुनाव करवाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद दूसरे पक्ष ने इससे सीख नहीं ली और चुनाव में धांधली कर अपने को विजेता बना लिया।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव चमार बिरादरी का था, लेकिन इसमें अन्य बिरादरी के लोगों ने भी हिस्सा लिया। इस बारे में भी चुनाव अधिकारी को बताया गया, लेकिन इसे रोकने के प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने बताया कि वह लिखित में जिला उपायुक्त को इस बारे में बता चुके हैं और अब उनकी मांग है कि इन चुनाव को रद्द किया जाए और प्रशासन अपनी निगरानी में चुनाव करवाए।
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इस संबंध में रविदास सभा के महासचिव लोकनाथ ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चुनाव में कोई धांधली नहीं हुई है। हमें उनके द्वारा धंाधली के आरोप लगाने का पता चला है, इसलिए आज हम जिला उपायुक्त से भेंट करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव न्यायालय द्वारा गठित बोर्ड और प्रथम श्रेणी न्यायाधीश की देखरेख में हुआ है। आरोप केवल हार की बौखलाहट हैं।