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सात साल में भी पूरा नहीं हो पाया प्रोजेक्ट, दस हजार की आबादी पानी को तरसी
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:49 AM IST
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हीरानगर। कंडी क्षेत्र के गांव छन्न दित्तयाल में पेयजल सुविधा को बेहतर बनाने के लिए ट्यूबवेल और वाटर टैंक बनाने के काम में देरी से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
गांव में करीब एक करोड़ से अधिक की लागत से ट्यूबवेल और वाटर टैंक के प्रोजैक्ट को सात वर्ष पहले मंजूर कर काम शुरू कराया गया। अब पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण काम अधर में लटक गया है। आसपास के गांवों में पानी की किल्लत के चलते लोगों ने इसे जल्द पूरा करने की मांग शुरू कर दी है। पूर्व सरपंच करण सिंह ने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के कठुआ दौरे के दौरान यह मसला उनके समक्ष रखा गया था। इस पर मुख्यमंत्री ने मुख्य अभियंता को जवाब देने के लिए कहा था। इसके बाद काम काम जल्द पूरा करने की बात की गई थी, लेकिन सात साल गुजरने के बाद भी लोगों को पानी मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। धीमी गति के चलते लगभग तीस लाख रुपये इस प्रोजेक्ट पर खर्च हो चुके हैं। जिस गति से कार्य हो रहा है, उसे देखकर लगता है कि कई और साल इंतजार करना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों ने कहा कि अब सब्र का बांध टूट रहा है और कभी विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतर सकते हैं। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग इस कार्य को पूरा करने में लापरवाही बरत रहा है। विभाग द्वारा इस प्रोजेक्ट को तीन वर्षों में पूरा करने का वादा किया गया था, लेकिन सात साल से भी अधिक समय हो गया और अब तक काम पूरा नहीं हो पाया।
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गांव में करीब एक करोड़ से अधिक की लागत से ट्यूबवेल और वाटर टैंक के प्रोजैक्ट को सात वर्ष पहले मंजूर कर काम शुरू कराया गया। अब पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण काम अधर में लटक गया है। आसपास के गांवों में पानी की किल्लत के चलते लोगों ने इसे जल्द पूरा करने की मांग शुरू कर दी है। पूर्व सरपंच करण सिंह ने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के कठुआ दौरे के दौरान यह मसला उनके समक्ष रखा गया था। इस पर मुख्यमंत्री ने मुख्य अभियंता को जवाब देने के लिए कहा था। इसके बाद काम काम जल्द पूरा करने की बात की गई थी, लेकिन सात साल गुजरने के बाद भी लोगों को पानी मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। धीमी गति के चलते लगभग तीस लाख रुपये इस प्रोजेक्ट पर खर्च हो चुके हैं। जिस गति से कार्य हो रहा है, उसे देखकर लगता है कि कई और साल इंतजार करना पड़ेगा।
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स्थानीय लोगों ने कहा कि अब सब्र का बांध टूट रहा है और कभी विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतर सकते हैं। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग इस कार्य को पूरा करने में लापरवाही बरत रहा है। विभाग द्वारा इस प्रोजेक्ट को तीन वर्षों में पूरा करने का वादा किया गया था, लेकिन सात साल से भी अधिक समय हो गया और अब तक काम पूरा नहीं हो पाया।
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