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सड़क का काम बंद होने पर डीसी कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:58 AM IST
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उधमपुर। पीएमजीएसवाई के तहत बसंतगढ़ से खनेड़ तक मंजूर की गई सड़क का निर्माण कार्य शुरू करने की मांग को लेकर बुधवार को खनेड़ के ग्रामीणों ने डीसी कार्यालय के बाहर एकजुट होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सात वर्ष के बाद काम शुरू हुआ और 100 मीटर सड़क बनाते ही फिर से काम को बंद कर दिया गया।
दोपहर करीब सवा 12 बजे ग्रामीण एकजुट होकर डीसी कार्यालय के बाहर पहुंचे, जहां सभी ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अनूप सिंह, उमर दीन, मोहम्मद क्यूम व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि 2010 में बसंतगढ़ से खनेड़ तक पीएमजीएसवाई के तहत करीब साढ़े नौ किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करने को मंजूरी मिली थी। जिसके बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। लेकिन मंजूरी के बाद काम नहीं शुरू किया गया। ग्रामीणों ने इसके लिए सात वर्ष तक कड़ा संघर्ष किया और कुछ महीने पहले सड़क बनाने का काम शुरू हुआ। जिसके बाद लगा कि अब कुछ महीने के बाद सड़क की सुविधा मिल जाएगी और सात वर्ष का संघर्ष रंग लाएगा, लेकिन 100 मीटर सड़क बनाने के बाद काम को बंद कर दिया गया है और ग्रामीणों की उम्मीदों पर एक बार फिर से पानी फेर दिया गया है। यह पीएमजीएसवाई के अधिकारियों की लापरवाही के कारण हो रहा है। जब अधिकारियों से इसके बारे में बात की तो अधिकारी सड़क बनाने वाले कांट्रेेक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है तो वहीं कांट्रेक्टर इसके लिए पीएमजीएसवाई को दोषी बना रहा है। विभाग और कांट्रेक्टर की लड़ाई का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। आज भी डीसी उधमपुर से मदद की गुहार लगाने के लिए पहुंचे हैं। अगर अब भी सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो मजबूरन प्रदर्शन तेज करने पड़ेंगे।
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दोपहर करीब सवा 12 बजे ग्रामीण एकजुट होकर डीसी कार्यालय के बाहर पहुंचे, जहां सभी ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अनूप सिंह, उमर दीन, मोहम्मद क्यूम व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि 2010 में बसंतगढ़ से खनेड़ तक पीएमजीएसवाई के तहत करीब साढ़े नौ किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करने को मंजूरी मिली थी। जिसके बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। लेकिन मंजूरी के बाद काम नहीं शुरू किया गया। ग्रामीणों ने इसके लिए सात वर्ष तक कड़ा संघर्ष किया और कुछ महीने पहले सड़क बनाने का काम शुरू हुआ। जिसके बाद लगा कि अब कुछ महीने के बाद सड़क की सुविधा मिल जाएगी और सात वर्ष का संघर्ष रंग लाएगा, लेकिन 100 मीटर सड़क बनाने के बाद काम को बंद कर दिया गया है और ग्रामीणों की उम्मीदों पर एक बार फिर से पानी फेर दिया गया है। यह पीएमजीएसवाई के अधिकारियों की लापरवाही के कारण हो रहा है। जब अधिकारियों से इसके बारे में बात की तो अधिकारी सड़क बनाने वाले कांट्रेेक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है तो वहीं कांट्रेक्टर इसके लिए पीएमजीएसवाई को दोषी बना रहा है। विभाग और कांट्रेक्टर की लड़ाई का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। आज भी डीसी उधमपुर से मदद की गुहार लगाने के लिए पहुंचे हैं। अगर अब भी सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो मजबूरन प्रदर्शन तेज करने पड़ेंगे।
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