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वेणी संगम बुझाएगा शहरवासियों की प्यास
Updated Wed, 29 Nov 2017 11:28 AM IST
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उधमपुर। पीएचई विभाग चिनैनी स्थित वेणी संगम के प्राकृतिक जलस्रोत से पानी फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते शहर तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। लेकिन नेशनल हाईवे अथारिटी इसके लिए मंजूरी नहीं दे रहा है। इस कारण पीएचई विभाग की थोड़ी चिंता बढ़ गई है। पीएचई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरा प्रयास किया जा रहा है कि इसकी मंजूरी मिल जाए।
कई योजनाएं तैयार करने के बावजूद आज तक उधमपुर शहर और साथ लगते ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत को दूर नहीं किया जा सका है। आज भी शहरवासी और साथ लगते ग्रामीण इलाकों के लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। पानी की किल्लत को दूर करने के लिए अब पीएचई विभाग ने 100 करोड़ की योजना तैयार की है, जिसके तहत पीएचई विभाग शहर से 35 किलोमीटर दूर वेणी संगम के प्राकृतिक जल स्रोत से पानी शहर पहुंचाने की योजना तैयार कर रहा है। पीएचई विभाग ग्रेविटी के जरिये पानी शहर तक पहुंचाएगा और फिर इससे शहर व साथ लगते ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत को दूर किया जाएगा। इसके सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। इस योजना के तहत पीएचई विभाग तैयार किए जा रहे फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के गलियारे से पाइप लाइन बिछाकर पानी को शहर तक पहुंचाएगा। पीएचई विभाग ने जब इसको नेशनल हाईवे अथारिटी के सामने रखा तो इसके लिए मंजूरी देने से इनकार कर दिया है, जिसको लेकर पीएचई विभाग में चिंता बढ़ गई है। अगर इसकी इजाजत नहीं मिलती तो योजना पर काम नहीं शुरू हो सकेगा, क्योंकि पहाड़ी के रास्ते पाइप लाइन बिछाकर पानी पहुंचाना संभव नहीं है।
50 वर्ष तक नहीं सताएगी पानी की किल्लत
इस योजना से पीएचई विभाग को इतना ज्यादा पानी मिलेगा कि शहर और ग्रामीण इलाकों में 50 वर्ष तक पानी की किल्लत से परेशान नहीं होना पड़ेगा। हर रोज शहरवासियों को घर में ही जरूरत से कहीं ज्यादा पानी मिलेगा।
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तवी और देविका नदी का संगम है वेणी संगम
तवी नदी और देविका नदी के संगम वाले स्थान को वेणी संगम के नाम से जाना जाता है। इसी पानी को ग्रेविटी के जरिये शहरवासियों तक पहुंचाने की योजना तैयार हो रही है। इस स्थान इतना ज्यादा पानी है कि इसी पानी से कई विर्षों से चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट तीन स्टेज पर बिजली भी तैयार कर रहा है।
पीएचई विभाग राजमार्ग के गलियारे से पाइप लाइन बिछाने की अनुमति के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उम्मीद है कि राजमार्ग का काम पूरा होने के बाद इसकी मंजूरी मिल जाएगी।
अशोक कुमार, एईई, पीएचई विभाग
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कई योजनाएं तैयार करने के बावजूद आज तक उधमपुर शहर और साथ लगते ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत को दूर नहीं किया जा सका है। आज भी शहरवासी और साथ लगते ग्रामीण इलाकों के लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। पानी की किल्लत को दूर करने के लिए अब पीएचई विभाग ने 100 करोड़ की योजना तैयार की है, जिसके तहत पीएचई विभाग शहर से 35 किलोमीटर दूर वेणी संगम के प्राकृतिक जल स्रोत से पानी शहर पहुंचाने की योजना तैयार कर रहा है। पीएचई विभाग ग्रेविटी के जरिये पानी शहर तक पहुंचाएगा और फिर इससे शहर व साथ लगते ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत को दूर किया जाएगा। इसके सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। इस योजना के तहत पीएचई विभाग तैयार किए जा रहे फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के गलियारे से पाइप लाइन बिछाकर पानी को शहर तक पहुंचाएगा। पीएचई विभाग ने जब इसको नेशनल हाईवे अथारिटी के सामने रखा तो इसके लिए मंजूरी देने से इनकार कर दिया है, जिसको लेकर पीएचई विभाग में चिंता बढ़ गई है। अगर इसकी इजाजत नहीं मिलती तो योजना पर काम नहीं शुरू हो सकेगा, क्योंकि पहाड़ी के रास्ते पाइप लाइन बिछाकर पानी पहुंचाना संभव नहीं है।
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50 वर्ष तक नहीं सताएगी पानी की किल्लत
इस योजना से पीएचई विभाग को इतना ज्यादा पानी मिलेगा कि शहर और ग्रामीण इलाकों में 50 वर्ष तक पानी की किल्लत से परेशान नहीं होना पड़ेगा। हर रोज शहरवासियों को घर में ही जरूरत से कहीं ज्यादा पानी मिलेगा।
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तवी और देविका नदी का संगम है वेणी संगम
तवी नदी और देविका नदी के संगम वाले स्थान को वेणी संगम के नाम से जाना जाता है। इसी पानी को ग्रेविटी के जरिये शहरवासियों तक पहुंचाने की योजना तैयार हो रही है। इस स्थान इतना ज्यादा पानी है कि इसी पानी से कई विर्षों से चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट तीन स्टेज पर बिजली भी तैयार कर रहा है।
पीएचई विभाग राजमार्ग के गलियारे से पाइप लाइन बिछाने की अनुमति के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उम्मीद है कि राजमार्ग का काम पूरा होने के बाद इसकी मंजूरी मिल जाएगी।
अशोक कुमार, एईई, पीएचई विभाग