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लगातार आतंकियों के निशाने पर रहे सुरक्षाबल
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:41 AM IST
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कश्मीर में लगातार आतंकियों के निशाने पर रहे सुरक्षाबल
उड़ी हमले से लेकर पुलवामा तक हर बार हुई दहशत की साजिश
आतंकी हमलों में बड़ी संख्या में शहीद हुए पुलिस के जवान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू
श्रीनगर के पंथाचौक इलाके में 24 जून को सीआरपीएफ के रोड ओपनिंग पार्टी पर हमला इससे पहले 16 जून को लश्कर ने दक्षिणी कश्मीर के अच्छाबल इलाके में पुलिस दल पर हमला किया था, जिसमें एसएचओ फिरोज डार समेत छह जवान शहीद हो गए थे। 15 जून को तीन स्थानों पर हमला कर दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। 13 जून को आतंकियों ने घाटी में सीरियल हमले करते हुए चार घंटे में सात हमलों को अंजाम दिया था। इसमें 14 जवान घायल हुए थे। दक्षिणी कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के बेस कैंप पहलगाम के सरनाल स्थित सीआरपीएफ कैंप तथा पुलिस स्टेशन सहित छह स्थानों को निशाना बनाया गया था, जबकि उत्तरी कश्मीर के सोपोर में सेना के कैंप पर ग्रेनेड दागे थे। अनंतनाग में सेवानिवृत्त न्यायाधीश के घर पर तैनात पुलिस पोस्ट पर हमला कर आतंकी चार हथियार भी लूट ले गए थे। 12 जून को त्राल में सीआरपीएफ की 180 बटालियन के कैंप पर हमला किया गया। इससे पहले 11 जून को शोपियां जिले में एसओजी कैंप के पास आतंकियों के हमले में एक एसपीओ घायल हो गया। 10 जून को तड़के जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के वेसू इलाके में आतंकियों ने सुरक्षा बल के वाहनों पर हमला किया।इस दौरान निशाना चूक जाने से एक निर्माण कंपनी में काम करने वाले व्यक्ति की कार गोलाबारी की चपेट में आ गई, जिसमें वह घायल हो गया। घटनास्थल से एके 47 के 20 खोखे बरामद किए गए थे। नौ जून को देर रात दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा स्थित पुलिस लाइन में आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया। ग्रेनेड पुलिस लाइन परिसर के बाहर गिरकर फट गया, जिसमें किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। इससे पहले 6 अप्रैल को श्रीनगर के बाहरी इलाके पंथा चौक में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर पहले से घात लगाए आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसमें एक जवान शहीद हो गया, जबकि पांच जवान सहित सात घायल हुए हैं। इसमें एक स्थानीय गाड़ी का चालक और बच्ची शामिल हैं। घटना के बाद मची भगदड़ का फायदा उठाते हुए आतंकी मौके से भाग निकले। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में आतंकियों ने सुरक्षाबलों के काफिले पर हमला किया था। आतंकी हमले की ये घटना 22-23 फरवरी की रात को हुई थी। हमले के दौरान सेना का गश्ती दल कुंगू गांव में सर्च ऑपरेशन के बाद लौट रहा था। सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू कश्मीर पुलिस एसओजी द्वारा कुंगू गांव में आतंकियों की मौजूदगी की खबर के बाद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। इस ऑपरेशन के खत्म होने के बाद सुरक्षाबल वापस लौट रहे थे तभी रात के करीब 2 बजे के आसपास मुल्लू चित्रगाम इलाके में सेना के इस काफिले पर हमला हुआ। इस आतंकी हमले में 3 जवान शहीद हुए जबकि 5 अन्य जवान घायल हुए थे। 09 जनवरी 2017 को नियंत्रण रेखा से करीब 2 किलोमीटर दूर सेना के इंजिनियरिंग फोर्स कैंप पर आतंकियों ने हमला किया । जानकारी के मुताबिक अखनूर के पास पलांवाला सेक्टर के बटला गांव में में जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स के कैंप पर हमला हुआ । इस हमले में तीन लोगों के मारे गए थे। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में आतंकियों ने सेना और पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला किया। इसमें सेना के दो जवान घायल हो गए थे। 18 सितंबर 2016 को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के उड़ी में सेना के एक कैंप पर फिदायीन हमलावरों ने हमला किया था। इस आतंकी हमले के दौरान सेना के 18 जवान शहीद हुए जबकि 25 से ज्यादा जवान घायल हुए थे। इस हमले के दौरान हुई मुठभेड़ में 4 आतंकियों को मार गिराया गया था जिनसे भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए थे।
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उड़ी हमले से लेकर पुलवामा तक हर बार हुई दहशत की साजिश
आतंकी हमलों में बड़ी संख्या में शहीद हुए पुलिस के जवान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू
श्रीनगर के पंथाचौक इलाके में 24 जून को सीआरपीएफ के रोड ओपनिंग पार्टी पर हमला इससे पहले 16 जून को लश्कर ने दक्षिणी कश्मीर के अच्छाबल इलाके में पुलिस दल पर हमला किया था, जिसमें एसएचओ फिरोज डार समेत छह जवान शहीद हो गए थे। 15 जून को तीन स्थानों पर हमला कर दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। 13 जून को आतंकियों ने घाटी में सीरियल हमले करते हुए चार घंटे में सात हमलों को अंजाम दिया था। इसमें 14 जवान घायल हुए थे। दक्षिणी कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के बेस कैंप पहलगाम के सरनाल स्थित सीआरपीएफ कैंप तथा पुलिस स्टेशन सहित छह स्थानों को निशाना बनाया गया था, जबकि उत्तरी कश्मीर के सोपोर में सेना के कैंप पर ग्रेनेड दागे थे। अनंतनाग में सेवानिवृत्त न्यायाधीश के घर पर तैनात पुलिस पोस्ट पर हमला कर आतंकी चार हथियार भी लूट ले गए थे। 12 जून को त्राल में सीआरपीएफ की 180 बटालियन के कैंप पर हमला किया गया। इससे पहले 11 जून को शोपियां जिले में एसओजी कैंप के पास आतंकियों के हमले में एक एसपीओ घायल हो गया। 10 जून को तड़के जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के वेसू इलाके में आतंकियों ने सुरक्षा बल के वाहनों पर हमला किया।इस दौरान निशाना चूक जाने से एक निर्माण कंपनी में काम करने वाले व्यक्ति की कार गोलाबारी की चपेट में आ गई, जिसमें वह घायल हो गया। घटनास्थल से एके 47 के 20 खोखे बरामद किए गए थे। नौ जून को देर रात दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा स्थित पुलिस लाइन में आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया। ग्रेनेड पुलिस लाइन परिसर के बाहर गिरकर फट गया, जिसमें किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। इससे पहले 6 अप्रैल को श्रीनगर के बाहरी इलाके पंथा चौक में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर पहले से घात लगाए आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसमें एक जवान शहीद हो गया, जबकि पांच जवान सहित सात घायल हुए हैं। इसमें एक स्थानीय गाड़ी का चालक और बच्ची शामिल हैं। घटना के बाद मची भगदड़ का फायदा उठाते हुए आतंकी मौके से भाग निकले। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में आतंकियों ने सुरक्षाबलों के काफिले पर हमला किया था। आतंकी हमले की ये घटना 22-23 फरवरी की रात को हुई थी। हमले के दौरान सेना का गश्ती दल कुंगू गांव में सर्च ऑपरेशन के बाद लौट रहा था। सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू कश्मीर पुलिस एसओजी द्वारा कुंगू गांव में आतंकियों की मौजूदगी की खबर के बाद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। इस ऑपरेशन के खत्म होने के बाद सुरक्षाबल वापस लौट रहे थे तभी रात के करीब 2 बजे के आसपास मुल्लू चित्रगाम इलाके में सेना के इस काफिले पर हमला हुआ। इस आतंकी हमले में 3 जवान शहीद हुए जबकि 5 अन्य जवान घायल हुए थे। 09 जनवरी 2017 को नियंत्रण रेखा से करीब 2 किलोमीटर दूर सेना के इंजिनियरिंग फोर्स कैंप पर आतंकियों ने हमला किया । जानकारी के मुताबिक अखनूर के पास पलांवाला सेक्टर के बटला गांव में में जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स के कैंप पर हमला हुआ । इस हमले में तीन लोगों के मारे गए थे। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में आतंकियों ने सेना और पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला किया। इसमें सेना के दो जवान घायल हो गए थे। 18 सितंबर 2016 को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के उड़ी में सेना के एक कैंप पर फिदायीन हमलावरों ने हमला किया था। इस आतंकी हमले के दौरान सेना के 18 जवान शहीद हुए जबकि 25 से ज्यादा जवान घायल हुए थे। इस हमले के दौरान हुई मुठभेड़ में 4 आतंकियों को मार गिराया गया था जिनसे भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए थे।