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हाईकोर्ट जज बोले, बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया सरल हो
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 28 May 2017 05:58 PM IST
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कार्यशाला
- फोटो : amar ujala
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राजस्थान राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को कोटा में किशोर न्याय अधिनियम पर संभागीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
संभाग स्तर की इस कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एम. एन. भंडारी ने शिरकत की इस मौके पर न्यायाधीश भंडारी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि बाल अपराध के मुख्य कारणों का गहनता से मंथन किया जाए। ये देखा जाए कि इनके पीछे कौन लोग हैं, जो बच्चों को अपराध से जोड़ रहे हैं? जज भंडारी ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के गोद देने की प्रक्रिया का भी सरलीकरण हो।
साथ ही, बाल अपराधियों की काउंसलिंग पर भी जोर दिए जाने के निर्देश दिए। कार्यशाला में चाइल्ड लाइन, बाल कल्याण समिति और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे।
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संभाग स्तर की इस कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एम. एन. भंडारी ने शिरकत की इस मौके पर न्यायाधीश भंडारी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि बाल अपराध के मुख्य कारणों का गहनता से मंथन किया जाए। ये देखा जाए कि इनके पीछे कौन लोग हैं, जो बच्चों को अपराध से जोड़ रहे हैं? जज भंडारी ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के गोद देने की प्रक्रिया का भी सरलीकरण हो।
साथ ही, बाल अपराधियों की काउंसलिंग पर भी जोर दिए जाने के निर्देश दिए। कार्यशाला में चाइल्ड लाइन, बाल कल्याण समिति और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे।
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