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ट्रिपल तलाक पर 'तमाचा', पहले बनी आत्मनिर्भर फिर किया 513 को अपने पैरों पर खड़ा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 22 Aug 2017 05:54 PM IST
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अफरोज बानो
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट ने आज ट्रिपल तलाक पर ऐतिहासिक फैसला दिया है। मुस्लिम महिलाएं ट्रिपल तलाक के विरोध में सामने आई थी। लेकिन एक महिला ऐसी भी है, जिसने ट्रिपल तलाक के बाद अपने अकेलेपन को कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बनाया। वो अपने पैरों पर खड़ी हुई और फिर कई बच्चियों को पैरों पर खड़ा कर दिया।
मामला जयपुर के घाटगेट के रहने वाली अफरोज बानो का है। अफरोज बानी की शादी 1980 में हुई थी। वक्त बीतता गया और रिश्तों में तल्खी आती गई। लंबे तक टिके रिश्ते ने एक दिन आखिर दम तोड़ दिया। 27 साल रहने के बाद रिश्ता साल 2007 में तलाक तलाक तलाक... बोलने भर के साथ खत्म हो गया।
लेकिन इस घटना के बाद अफरोज ने अपनी जिंदगी को एक प्रेरणा देने वाले जीवन में बदल डाला। आज पढ़ा लिखा मुस्लिम समाज और दूसरे समाज भी अफरोज का उदाहरण देने लगे हैं।
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मामला जयपुर के घाटगेट के रहने वाली अफरोज बानो का है। अफरोज बानी की शादी 1980 में हुई थी। वक्त बीतता गया और रिश्तों में तल्खी आती गई। लंबे तक टिके रिश्ते ने एक दिन आखिर दम तोड़ दिया। 27 साल रहने के बाद रिश्ता साल 2007 में तलाक तलाक तलाक... बोलने भर के साथ खत्म हो गया।
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लेकिन इस घटना के बाद अफरोज ने अपनी जिंदगी को एक प्रेरणा देने वाले जीवन में बदल डाला। आज पढ़ा लिखा मुस्लिम समाज और दूसरे समाज भी अफरोज का उदाहरण देने लगे हैं।
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हिम्मत जुटाई और यूं जुट गई अफरोज...
महिलाओं को प्रशिक्षण देती अफरोज बानो
- फोटो : अमर उजाला
उस समय अफरोज के एक बेटा और एक बेटी थे। अफरोज एक बारगी मायूस हो गई। लेकिन फिर उसने हिम्मत को संभाला और जुट गई आगे के लिए। उन्होंने खुद सिलाई शुरू की।
इसके बाद खुद तो आत्मनिर्भर बनी ही और दूसरी बच्चियों के लिए भी मिसाल बन गई। उन्होंने सिलाई केंद्र खोला और सिलाई सिखाना शुरू कर दिया। पिछले दस साल में अब तक वे 513 बच्चियों को प्रशिक्षित कर चुकी हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय पर अफरोज ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि लगता है कि अब उन जैसी महिलाओं को हक मिल सकेगा।
इसके बाद खुद तो आत्मनिर्भर बनी ही और दूसरी बच्चियों के लिए भी मिसाल बन गई। उन्होंने सिलाई केंद्र खोला और सिलाई सिखाना शुरू कर दिया। पिछले दस साल में अब तक वे 513 बच्चियों को प्रशिक्षित कर चुकी हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय पर अफरोज ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि लगता है कि अब उन जैसी महिलाओं को हक मिल सकेगा।