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महिला तहसीलदार ने उठाया बीड़ा: वृद्धा की अंत्येष्टि से लोगों ने मोड़ा मुंह, तो बेटी बन निभाया फर्ज
Tue, 11 May 2021 04:47 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 11 May 2021 04:47 PM IST
सार
यह कैसा मंजर है। महामारी ने इंसान को इंसान से दूर कर दिया। पड़ोसी अपना धर्म भूल गए। ऐसे वाकये रोज सामने आ रहे हैं। मृतकों की अंत्येष्टि करने के लिए अपने व पराए भी मुंह मोड़ रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के सीकर जिले में एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार के लिए कोई आगे नहीं आया। इस पर एक महिला तहसीलदार ने पूरा जिम्मा उठाया। उन्होंने एक बेटी की तरह फर्ज निभाते हुए महिला के बुजुर्ग पति की मदद से वृद्धा की अंत्येष्टि कराई।
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यह वाकया सीकर जिले के धोद कस्बे में हुआ। जहां बुजुर्ग महिला सायर कंवर का सोमवार को निधन हो गया। घर में उसके बुजुर्ग पति व दो नाबालिग पोते थे। बुजुर्ग ने आस पड़ोस के लोगों से महिला के अंतिम संस्कार में मदद की गुहार की, लेकिन कोई आगे नहीं आया। लोगों को आशंका था कि महिला शायद कोरोना वायरस से संक्रमित रही होंगी।
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इस बीच किसी ने इसकी जानकारी तहसीलदार रजनी यादव को दी। वह बुजुर्ग के घर पहुंचीं और स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों से एम्बुलेंस मुहैया कराने का अनुरोध किया लेकिन करीब दो घंटे तक कोई एम्बुलेंस नहीं भेजी गई।
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पीपीई किट पहनकर पूरी तैयारी की
इसके बाद में यादव ने एक निजी वाहन की व्यवस्था की और महिला के पति और दो नाबालिग पोतों के साथ शव को दाह संस्कार के लिए ले गईं। यादव ने वहां पीपीई किट पहन कर महिला के संस्कार की तैयारी की। महिला के बुजुर्ग पति ने बाद में चिता को अग्नि दी।
तहसीलदार रजनी यादव ने मंगलवार को बताया कि एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं होने पर मैंने शव को निजी वाहन से श्मशान घाट ले जाने की व्यवस्था की। चूंकि बुजुर्ग व्यक्ति और उनके दो नाबालिग पोतों की सहायता करने वाला कोई नहीं था तो मैंने अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। यादव ने कहा कि वह मानवीय आधार पर इस परिवार के लिए जो कर सकती थी, वह उन्होंने किया।