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क्यों न मेडिकल कॉलेज का संचालन सरकार को सौंप दें-हाईकोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 24 Nov 2017 07:58 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान यूनानी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को संचालित करने वाली तारीकी तिब्बी सोसायटी के पदाधिकारियों के बीच विवाद के चलते राज्य सरकार और मेडिकल कॉलेज व अन्य को नोटिस जारी किए हैं।
अदालत ने पूछा है कि क्यों न विवाद के निपटारे तक कॉलेज का संचालन राज्य सरकार या राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय को सौंप दिया जाए। न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश कमलेश कुमार शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में कहा गया कि तारीकी तिब्बी सोसायटी राजस्थान यूनानी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का संचालन करती है। कॉलेज राजस्थान आयुर्वेद विवि से सम्बद्धता लिए हुए है। इकबाल अली और जय कुमावत स्वयं को 24 अप्रैल 2016 के चुनाव में अध्यक्ष और सचिव निर्वाचित होना बता रहे हैं। जबकि नसीनुद्धीन व परवेज अख्तर गत 5 फरवरी के चुनाव से अपने आप को अध्यक्ष व मंत्री बता रहे हैं। दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के चलते छात्र और मरीज प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच विवाद का निपटारा होने तक कॉलेज का संचालन सरकार अपने हाथ में या आयुर्वेद विवि को सौंप दे।
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जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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अदालत ने पूछा है कि क्यों न विवाद के निपटारे तक कॉलेज का संचालन राज्य सरकार या राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय को सौंप दिया जाए। न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश कमलेश कुमार शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
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याचिका में कहा गया कि तारीकी तिब्बी सोसायटी राजस्थान यूनानी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का संचालन करती है। कॉलेज राजस्थान आयुर्वेद विवि से सम्बद्धता लिए हुए है। इकबाल अली और जय कुमावत स्वयं को 24 अप्रैल 2016 के चुनाव में अध्यक्ष और सचिव निर्वाचित होना बता रहे हैं। जबकि नसीनुद्धीन व परवेज अख्तर गत 5 फरवरी के चुनाव से अपने आप को अध्यक्ष व मंत्री बता रहे हैं। दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के चलते छात्र और मरीज प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच विवाद का निपटारा होने तक कॉलेज का संचालन सरकार अपने हाथ में या आयुर्वेद विवि को सौंप दे।
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जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।