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प्रिंसिपल पद पर दो चिकित्सक, सरकार बताए कौन सही
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 18 Jan 2018 08:36 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : amar ujala
राजस्थान हाईकोर्ट ने आरयूएचएस के अधीन डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल के पद पर दो चिकित्सकों की नियुक्ति पर आश्चर्य जताया है। इसके साथ ही अदालत ने अदालत ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को कहा है कि वे प्रकरण को पुन: देखे और बताए कि किसे इस पद पर होना चाहिए।
अदालत ने कहा कि विवाद करीब आठ माह से लंबित चल रहा है। इसके बावजूद भी राज्य सरकार की ओर से इसे अब तक नहीं सुलझाया गया है। ऐसे में संबंधित अधिकारी 25 जनवरी को पेश हो। न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश डॉ. प्रदीप जैन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
मामले के अनुसार प्रदीप जैन को 12 जनवरी 2011 को डेंटल कॉलेज में प्रिंसिपल नियुक्त किया गया। वहीं 16 अगस्त 2011 को कॉलेज आरयूएचएस के अधीन आ गया। आरयूएचएस ने गत वर्ष 16 फरवरी को डॉ. अरुण गुप्ता को कॉलेज का प्रिंसिपल बनाया गया। जिसे राज्यपाल ने भी अपनी मंजूरी दे दी। इसे याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में चुनौती दी गई।
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अदालत ने कहा कि विवाद करीब आठ माह से लंबित चल रहा है। इसके बावजूद भी राज्य सरकार की ओर से इसे अब तक नहीं सुलझाया गया है। ऐसे में संबंधित अधिकारी 25 जनवरी को पेश हो। न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश डॉ. प्रदीप जैन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
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मामले के अनुसार प्रदीप जैन को 12 जनवरी 2011 को डेंटल कॉलेज में प्रिंसिपल नियुक्त किया गया। वहीं 16 अगस्त 2011 को कॉलेज आरयूएचएस के अधीन आ गया। आरयूएचएस ने गत वर्ष 16 फरवरी को डॉ. अरुण गुप्ता को कॉलेज का प्रिंसिपल बनाया गया। जिसे राज्यपाल ने भी अपनी मंजूरी दे दी। इसे याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में चुनौती दी गई।
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