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आदिवासी महिला इंजीनियर्स का कमाल, PM ने किया कलक्टर का सम्मान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 21 Apr 2017 07:11 PM IST
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डूंगरपुर जिले के कलक्टर सुरेन्द्र कुमार सोलंकी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्मानित किया
- फोटो : Amar Ujala
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राजस्थान की आदिवासी महिला इजीनियर्स के कमाल के कारण राजस्थान के डूंगरपुर जिले के कलक्टर सुरेन्द्र कुमार सोलंकी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्मानित किया है। सोलंकी को ये सम्मान शुक्रवार को 11 वें सिविल सर्विसेज डे के मौके पर दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया।
कलक्टर सोलंकी को प्रधानमंत्री एक्सीलेंस पुरस्कार आदिवासी अंचल में महिला इंजीनियर्स के माध्यम से सोलर लैम्प प्रोजेक्ट का नवाचार करने के लिए प्रदान किया गया। यह चयन पुरस्कार की थीम ‘मेकिंग फॉर न्यू इंडिया’ पर देश के 599 जिलों से आई प्रविष्टियों में से किया गया है। जिला प्रशासन डूंगरपुर ने राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के क्लस्टर स्तर महासंघों (सीएलएफ) के साथ साझेदारी करते हुए सोलर लैंप निर्माण परियोजना का सफल संचालन किया गया है।
आदिवासी महिला इंजीनियरर्स ने आईआईटी मुम्बई से प्रशिक्षण लेकर अपनी कड़ी मेहनत एवं सार्थक प्रयासों की बदौलत सोलर लैम्प निर्माण परियोजना की अभूतपूर्व सफलता की नई कहानी लिख दी है। सोलंकी ने बताया कि भारत में पहली बार जनजाति क्षेत्र की महिलाओं के स्वामित्व वाले सौर पैनल निर्माण संयत्र ‘दुर्गा’ की आधारशिला रखी गई है। यह संयत्र शीघ्र ही काम करना प्रारंभ करेगा।
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पूर्व में 24 लाख रुपए से अधिक के कोष की राशि आदिवासी महिलाओं द्वारा औद्योगिक कारखाने की स्थापना के लिए एकत्रित की गई थी।
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कलक्टर सोलंकी को प्रधानमंत्री एक्सीलेंस पुरस्कार आदिवासी अंचल में महिला इंजीनियर्स के माध्यम से सोलर लैम्प प्रोजेक्ट का नवाचार करने के लिए प्रदान किया गया। यह चयन पुरस्कार की थीम ‘मेकिंग फॉर न्यू इंडिया’ पर देश के 599 जिलों से आई प्रविष्टियों में से किया गया है। जिला प्रशासन डूंगरपुर ने राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के क्लस्टर स्तर महासंघों (सीएलएफ) के साथ साझेदारी करते हुए सोलर लैंप निर्माण परियोजना का सफल संचालन किया गया है।
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आदिवासी महिला इंजीनियरर्स ने आईआईटी मुम्बई से प्रशिक्षण लेकर अपनी कड़ी मेहनत एवं सार्थक प्रयासों की बदौलत सोलर लैम्प निर्माण परियोजना की अभूतपूर्व सफलता की नई कहानी लिख दी है। सोलंकी ने बताया कि भारत में पहली बार जनजाति क्षेत्र की महिलाओं के स्वामित्व वाले सौर पैनल निर्माण संयत्र ‘दुर्गा’ की आधारशिला रखी गई है। यह संयत्र शीघ्र ही काम करना प्रारंभ करेगा।
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पूर्व में 24 लाख रुपए से अधिक के कोष की राशि आदिवासी महिलाओं द्वारा औद्योगिक कारखाने की स्थापना के लिए एकत्रित की गई थी।