ऊंट तस्करी से मिलने वाले पैसे से हो रही आतंकवादियों को फंडिंग- AWBI
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एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) ने राजस्थान में ऊंट संरक्षण और इस संबंध में बनाए कानून पर सवाल उठाए हैं। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि राजस्थान में सरकार ने भले ही ऊंट के लिए कानून बना दिया हो और उसे राज्य पशु घोषित कर दिया है, लेकिन हकीकत यह है कि यहां पशु मेले ऊंट और मवेशियों की अवैध तस्करी के केन्द्र बने हुए हैं।
बोर्ड के अधिकारी सुदर्शन कौशिक और कीर्ति सचदेवा ने आज जोधपुर प्रवास के दौरान मीडिया से बात करते हुए ये गंभीर बातें कही। उन्होंने कहा कि हाल ही जोधपुर जिले के बालेसर थाना क्षेत्र के आगोलाई गांव में चल रहे मेले से चार तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे 12 ऊंट बरामद किए हैं।
संगठित गिरोह कर रहा है काम
उन्होंने दावा किया है कि यहां से 10 से 15 हजार में ऊंट खरीदने के बाद उसे आगे एक लाख तक बेचा जा रहा है। यहीं नही इस अवैध कारोबार से काला धन पैदा करने वाला संगठित माफिया भी जुड़ा है, जो इसका पैसा आतंकवाद की फंडिंग में इस्तेमाल होता है। इसके जरिए नकली नोट भी देश में दाखिल करवाए जा रहा है। आईयूसीएन ऊंटो को विलुप्तप्राय जानवर मान चुकी है।
साथ ही, उन्होंने ऊंट और मवेशियों की तस्करी के लिए बने कानून की पालना नहीं करने का भी आरोप लगाया है। बोर्ड अधिकारियों ने लालच और लापरवाह अधिकारियों के कारण प्रदेश की संस्कृति का मजाक बनाने का भी सरकार पर आरोप लगाया है।