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धन्य है सेना! कल नहीं बचाते तो आज क्या होता...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 31 Jul 2017 10:22 PM IST
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कल शारदा को इस तरह रेस्क्यू किया था
- फोटो : Amar Ujala
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शारदा के लिए सेना देवदूत बनकर आई। शारदा को कल सेना के जवानों ने बाढ़ग्रस्त इलाके से रेस्क्यू किया था। उसने आज एक बालिका को जन्म दिया।
राजस्थान के सांचौर, जालोर, पाली में बाढ़ के हालात है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ रहा है। सेना और स्थानीय प्रशासन का यहां लगातार रेस्क्यू आॅपरेशन जारी है।
सांचौर जिले का शिवपुरा गांव बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। यहां से रविवार को सेना ने कुछ परिवारों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इनमें तीन महिलाएं भी थी। जिनमें दो गर्भवती और एक के साथ दो माह का बच्चा था।
इनमें से एक गर्भवती ने आज स्थानीय अस्पातल में एक बालिका को जन्म दिया। सरपंच सांवला राम ने बताया कि मां—बेटी दोनों स्वस्थ्य है। शाम को इन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई और ये अब एक रिश्तेदार के घर रुकी हुई है। उन्होंने बताया कि यदि कल सेना और रेस्क्यू टीम ने इन्हें वहां से नहीं निकाला होता तो आज शायद परेशानी हो सकती थी।
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राजस्थान के सांचौर, जालोर, पाली में बाढ़ के हालात है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ रहा है। सेना और स्थानीय प्रशासन का यहां लगातार रेस्क्यू आॅपरेशन जारी है।
सांचौर जिले का शिवपुरा गांव बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। यहां से रविवार को सेना ने कुछ परिवारों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इनमें तीन महिलाएं भी थी। जिनमें दो गर्भवती और एक के साथ दो माह का बच्चा था।
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इनमें से एक गर्भवती ने आज स्थानीय अस्पातल में एक बालिका को जन्म दिया। सरपंच सांवला राम ने बताया कि मां—बेटी दोनों स्वस्थ्य है। शाम को इन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई और ये अब एक रिश्तेदार के घर रुकी हुई है। उन्होंने बताया कि यदि कल सेना और रेस्क्यू टीम ने इन्हें वहां से नहीं निकाला होता तो आज शायद परेशानी हो सकती थी।
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