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गुर्जर आरक्षणः समाज बोला, सरकार ने हमें धोखा दिया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 19 May 2017 08:02 PM IST
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गुर्जर आरक्षण आंदोलन के अगुआ कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और कैप्टन हर प्रसाद
- फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान में गुर्जर सहित पांच जातियों को 13 साल बाद पुन: अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण कोटे में शामिल करने की शुक्रवार को जारी हुई अधिसूचना से गुर्जर समाज नाराज है। समाज कहना है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है।
राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को गुर्जर सहित पांच जातियों को एक बार फिर अन्य पिछडा वर्ग (ओबीसी) में शामिल करने की अधिसूचना जारी कर दी। खास बात यह है कि ये जातियां ओबीसी में भी अस्थाई रूप से शामिल हो पाई हैं, क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लम्बित है और सरकार ने कहा है कि यह अधिसूचना सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अधीन रहेगी। मतलब, कोर्ट का जैसा आदेश आएगा उस के हिसाब से अधिसूचना मे बदलाव कर दिया जाएगा। सरकार के इस आदेश से गुर्जर समाज संतुष्ट नहीं है।
गुर्जर आरक्षण सघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह गुर्जर का कहना है कि सरकार ने 13 साल के सघंर्ष और 72 लोगों के बलिदान के बाद एक बार फिर वहीं लाकर खडा़ कर दिया। हम लोगों को सरकार ने धोखा दिया है। हम सरकार से आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर ही अलग से आरक्षण चाहते थे, लेकिन सरकार बार-बार हमें आरक्षण की सीमा लांघ कर आरक्षण दे रही है और इसका पुख्ता रास्ता नहीं निकाल रही है। इस मामले को अब समाज के सामने ले कर जाएंगे।
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इधर, गुर्जर आरक्षण सघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोडी सिंह बैंसला ने कहा कि हाईकोर्ट ने हमारा आरक्षण खरिज कर दिया था। ऐसे में हमें ओबीसी में जाना ही था। सुप्रीम कोर्ट में याचिका चल रही है और उम्मीद है कि हमारे पक्ष में फैसला आएगा। बैंसला ने जरूर नपी तुली प्रतिक्रिया दी है।
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राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को गुर्जर सहित पांच जातियों को एक बार फिर अन्य पिछडा वर्ग (ओबीसी) में शामिल करने की अधिसूचना जारी कर दी। खास बात यह है कि ये जातियां ओबीसी में भी अस्थाई रूप से शामिल हो पाई हैं, क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लम्बित है और सरकार ने कहा है कि यह अधिसूचना सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अधीन रहेगी। मतलब, कोर्ट का जैसा आदेश आएगा उस के हिसाब से अधिसूचना मे बदलाव कर दिया जाएगा। सरकार के इस आदेश से गुर्जर समाज संतुष्ट नहीं है।
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गुर्जर आरक्षण सघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह गुर्जर का कहना है कि सरकार ने 13 साल के सघंर्ष और 72 लोगों के बलिदान के बाद एक बार फिर वहीं लाकर खडा़ कर दिया। हम लोगों को सरकार ने धोखा दिया है। हम सरकार से आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर ही अलग से आरक्षण चाहते थे, लेकिन सरकार बार-बार हमें आरक्षण की सीमा लांघ कर आरक्षण दे रही है और इसका पुख्ता रास्ता नहीं निकाल रही है। इस मामले को अब समाज के सामने ले कर जाएंगे।
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इधर, गुर्जर आरक्षण सघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोडी सिंह बैंसला ने कहा कि हाईकोर्ट ने हमारा आरक्षण खरिज कर दिया था। ऐसे में हमें ओबीसी में जाना ही था। सुप्रीम कोर्ट में याचिका चल रही है और उम्मीद है कि हमारे पक्ष में फैसला आएगा। बैंसला ने जरूर नपी तुली प्रतिक्रिया दी है।