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खतरनाक हो गए हैं यहां के शहर, अभी तक 224 मौतें, हर तीसरा सैम्पल पॉजिटिव
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 06 Oct 2017 01:31 PM IST
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फाइल फोटो।
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मैक्सिको में सबसे पहले पहचाना गया एच1एन1 वायरस राजस्थान में खतरनाक होता जा रहा है। राजस्थान में इस वर्ष अब तक स्वाइन फ्लू से 224 मौत हो चुकी है और हर तीसरा सैम्पल स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मिल रहा है।
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इस वायरस से बचाव के लिए सरकार के तमाम दावों के बाद भी मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 2009 में सबसे पहले एच1एन1 वायरस की पुष्टि मैक्सिको में कुछ लोगों में हुई थी। लेकिन बीते आठ वर्षों में इस वायरस में काफी बदलाव देखे गए है और इसका प्रभाव तेजी से बढ़ा है। इसी का नतीजा है कि भारत जैसे देशों में जहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति ठीक नहीं है वहां इससे प्रभावित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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हाईकोर्ट को सरकार ने जानकारी दी है कि राजस्थान में जनवरी से अभी तक 2879 लोगों में एच1एन1 वायरस मिला है। यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले तीन गुना अधिक है। वहीं सबसे चिंताजनक विषय यह है कि स्वाइन फ्लू के पॉजिटिव शहरी क्षेत्रों में ज्यादा मिल रह है।
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शहरी क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक
फाइल फोटो।
सरकार के अनुसार अभी तक मिले पॉजिटिव में 60 फीसदी शहरी क्षेत्रों के हैं। जबकि 40 फीसदी पॉजिटिव ग्रामीण क्षेत्रों से है।
राजस्थान के प्रमुख शहरों में एच1एन1 वायरस का खासा असर है। इसी का नतीजा है कि राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस वर्ष स्वाइन फ्लू से 21 मौत हुई है। जबकि कोचिंग सिटी कोटा में मरने वालों की संख्या 22 है।
कोर्ट को दी जानकारी में सरकार ने कहा है कि स्वाइन फ्लू से लोगों को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए है। इस मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होनी है।
राजस्थान के प्रमुख शहरों में एच1एन1 वायरस का खासा असर है। इसी का नतीजा है कि राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस वर्ष स्वाइन फ्लू से 21 मौत हुई है। जबकि कोचिंग सिटी कोटा में मरने वालों की संख्या 22 है।
कोर्ट को दी जानकारी में सरकार ने कहा है कि स्वाइन फ्लू से लोगों को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए है। इस मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होनी है।