{"_id":"599c013a4f1c1b900c8b45b1","slug":"state-women-commission-chairman-speaks-on-triple-talaq-verdict","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"तीन तलाकः अब सीता और सलमा हुई बराबर - महिला आयोग अध्यक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन तलाकः अब सीता और सलमा हुई बराबर - महिला आयोग अध्यक्ष
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 22 Aug 2017 03:46 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रिपल तलाक पर सर्वोच्च अदालत के फैसले को राजस्थान महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने एेतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने देश की सीता और सलमा को बराबर लाकर खड़ा कर दिया है।
शर्मा ने मुस्लिम महिलाओं की इसे सबसे बड़ी जीत बताते हुए कहा कि लंबे समय से देश की मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक का दर्द झेला है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने समझा और ये ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया है।
इधर, भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की संयोजक निशात हुसैन ने कहा कि यह हमारी पहली जीत है। इसको लेकर हम लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे थे। कोर्ट ने तीन तलाक के मामले में सरकार को गाइडलाइन बनाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शर्मा ने मुस्लिम महिलाओं की इसे सबसे बड़ी जीत बताते हुए कहा कि लंबे समय से देश की मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक का दर्द झेला है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने समझा और ये ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया है।
विज्ञापन
इधर, भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की संयोजक निशात हुसैन ने कहा कि यह हमारी पहली जीत है। इसको लेकर हम लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे थे। कोर्ट ने तीन तलाक के मामले में सरकार को गाइडलाइन बनाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
मुस्लिम ही नहीं ये सभी महिलाओं की जीत है
डेमो इमेज
सुमन शर्मा ने कहा कि राजस्थान में भी तीन तलाक के बढ़ते मामलों को देखते हुए हमने प्रधानमंत्री और कानून मंत्री को पत्र लिखकर समस्याएं बताई थी जिसके बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने आज जो फैसला सुनाया उससे ना सिर्फ मुस्लिम महिलाओं की जीत हुई है बल्कि ये देश की हर महिला की जीत है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने आज मुख्य न्यायाधीश जे.एस.खेहर,न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ,न्यायमूर्ति रोहिंगटन फली नरीमन,न्यायमूर्ति एस.अब्दुल नजीर की पांच सदस्यीय बैंच ने मुस्लिम महिलाओं के हक में ये ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन तलाक पर 6 महीने की रोक लगा दी है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने आज मुख्य न्यायाधीश जे.एस.खेहर,न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ,न्यायमूर्ति रोहिंगटन फली नरीमन,न्यायमूर्ति एस.अब्दुल नजीर की पांच सदस्यीय बैंच ने मुस्लिम महिलाओं के हक में ये ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन तलाक पर 6 महीने की रोक लगा दी है।