बनास हादसा: ड्राइवर की इस करतूत से नाबालिग को चलानी पड़ी थी बस, 33 की मौत
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राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में बनास नदी के पुल से गिरी बस हादसे में बड़ी लापरवाही सामने आई है। हादसे में जिंदा बचने वाले यात्रियों ने इस बड़ी दुर्घटना के पीछे मूल कारणों से पर्दा हटाया है जिसमें काफी चौंका देने वाली बातें सामने आई है।
एक यात्री के अनुसार सवेरे 6 बजे 40 यात्रियों से भरी बस सवाई माधोपुर से लालसोट के लिए रवाना हुई थी, बीच में ड्राइवर और कंडक्टर के बीच कहासुनी हो गई। भरतपुर निवासी घायल यात्री ने बताया कि बस का ड्राइवर जाकिर (40) ने शराब पी रखी थी जिसके बाद नाबालिग कंडक्टर शाहरूख ने उससे कहा कि तू नशे में है इसलिए बस मैं चलाता हूं।
तू सवारियों से किराया वसूल कर। ऐसे में ड्राइवर ने बस नाबालिग के हाथों में थमा दी जिसके कारण ड्राइवर और कंडक्टर समेत करीब 33 लोग मौत के मुंह में समा गए।
इन सबके बीच इस हादसे में परिवहन विभाग की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। ओवरलोडेड वाहनों पर कार्रवाई नहीं करने से और बस चालकों का वैरिफिकेशन और लाइसेंस चेक नहीं करने के कारण ही यहां बेतरतीब ढंग से भारी वाहन चालक सड़कों पर मौत लिए फिर रहे हैं।
डीटीओ ने कहा विकलांग था बस का कंडक्टर
इधर, स्थानीय बस चालकों ने इस बात से साफ इंकार किया है कि हादसे का शिकार हुई बस का कंडक्टर का नाबालिग था। परिवहन मंत्री युनुस खान ने भी कहा है कि डीटीओ, इंजिनियरों और बाकि अफसरों की रिपोर्ट आने के बाद ही ये साफ हो पाएगा कि बस चलाने वाला कंडक्टर शाहरुख नाबालिग था या नहीं और वो बस चला भी रहा था ये भी जांच का विषय है।
परिवहन मंत्री को डीटीओ द्वारा दी गई प्रथम जानकारी में कहा गया है कि बस का कंडक्टर शाहरुख तो विकलांग था ऐसे में सवाल ही नहीं उठता कि वो बस चला सकता है। कहा गया है कि पूरा हादसा ड्राइवर की लापरवाही के कारण ही हुआ है। बता दें कि इस हादसे में ड्राइवर और कंडक्टर दोनों की भी मौत हो चुकी है।