{"_id":"58d88fc74f1c1b14301a2a42","slug":"sariska-again-in-controversy-after-local-burn-the-leaopard","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरिस्का में इस मांग को लेकर प्रशासन के सामने हुए ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरिस्का में इस मांग को लेकर प्रशासन के सामने हुए ग्रामीण
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 27 Mar 2017 03:18 PM IST
विज्ञापन
सरिस्का बाघ अभ्यारण्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरिस्का में ग्रामीण और प्रशासन एक बार फिर आमने—सामने हो गया है। यहां लेपर्ड को जलाकर मार देने की घटना की आरोपियों के बचाव में उतरे ग्रामीणों ने सोमवार को धारा 144 को तोड़ते हुए भृतहरी पुलिया के पास धरना शुरु कर दिया है। मौके पर वन विभाग, पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी मौजूद है।
विज्ञापन
वन प्रशासन ने ग्रामीणों के इस प्रदर्शन को देखते हुए रविवार को धारा 144 लागू कर दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दिनों बानसूर में मारे गए लेपर्ड के मामले में वन विभाग निर्दोष लोगों को फंसा रहा है। विभाग ने लेपर्ड को जिन्दा जलाने के आरोप में बड़ी संख्या में अज्ञात तथा पांच—सात लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।
विज्ञापन
इसके विरोध में बानूसर तथा आसपास के ग्रामीण आज सुबह एकत्र हुए और जुलूस के रुप में सरिस्का गेट पर प्रदर्शन के लिए रवाना हुए। इस दौरान इन्हें जब भृतहरि पुलिया के पास रोका गया तो ये वहां धरने पर बैठ गए। लेपर्ड की हत्या के मामले में दर्ज केसों को वापस लेने समेत 25 सूत्रीय मांग का ज्ञापन तैयार किया है।
विज्ञापन