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RSS का सर्वे: देश में महिलाओं के हालात क्या हैं
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 01 May 2017 05:23 PM IST
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे सम्बद्ध संगठन पूरे देश में डेढ़ लाख महिलाओं का पारिवारिक स्थिति और हालात का अध्ययन करेंगे। इसकी प्रक्रिया उदयपुर में शुरू हो चुकी है।
दरअसल, देश में महिलाओं के सामाजिक सम्मान की हकीकत जानने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार सहित अन्य बिंदु तय किए गए हैं। महिलाओं के आयु वर्ग भी बनाए गए हैं जिनमें 15—18 किशोरी वर्ग, 18—22 तरूणी वर्ग, 22—40 युवती वर्ग, 40—60 तक प्रौढ़ वर्ग और इससे अधिक आयु वाली महिलाओं को वृद्धा वर्ग शामिल किया गया है। इनके आधार पर अध्ययन करने वाले कार्यकर्ता हर महिला से खुद बातचीत करेंगे। इसके बाद जो हकीकत निकलकर सामने आएगी उसकी रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपी जाएगी। माना जा रहा है कि सरकार इस सर्वे को आधार बनाकर महिला सशक्तिकरण की नीति तैयार कर सकती है।
जानकारी के अनुसार इस सर्वे के लिए प्रपत्र तैयार हो चुके हैं। जुलाई तक साक्षात्कार और समूह चर्चा का दौर पूरा करके आंकड़ें इकट्ठे किए जाएंगे। इसके बाद पूरे देश में इस तरह के सर्वे की पूरी रिपोर्ट तैयार होगी। डेढ़ लाख महिलाओं में से 10 हजार महिलाएं वनवासी परिवारों से होंगी। इन महिलाओं की स्थिति के अध्ययन का जिम्मा वनवासी कल्याण आश्रम को दिया गया है जो संघ परिवार का वनवासी क्षेत्रों में कार्य करने वाला प्रमुख संगठन माना जाता है। राजस्थान के वनवासी हिस्से में 50 गांव आए हैं। हर गांव में 10-10 महिलाओं का अध्ययन किया जाएगा।
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वनवासी क्षेत्र की अखिल भारतीय अध्ययन प्रमुख राधिका लढा ने बताया कि महिलाओं की स्थिति जानने के लिए हर पहलू पर चर्चा की जाएगी। राजस्थान में उदयपुर संभाग में अध्ययन का फोकस ज्यादा रहेगा, क्योंकि टीएसपी का अधिकतर क्षेत्र इसी संभाग का है।
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दरअसल, देश में महिलाओं के सामाजिक सम्मान की हकीकत जानने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार सहित अन्य बिंदु तय किए गए हैं। महिलाओं के आयु वर्ग भी बनाए गए हैं जिनमें 15—18 किशोरी वर्ग, 18—22 तरूणी वर्ग, 22—40 युवती वर्ग, 40—60 तक प्रौढ़ वर्ग और इससे अधिक आयु वाली महिलाओं को वृद्धा वर्ग शामिल किया गया है। इनके आधार पर अध्ययन करने वाले कार्यकर्ता हर महिला से खुद बातचीत करेंगे। इसके बाद जो हकीकत निकलकर सामने आएगी उसकी रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपी जाएगी। माना जा रहा है कि सरकार इस सर्वे को आधार बनाकर महिला सशक्तिकरण की नीति तैयार कर सकती है।
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जानकारी के अनुसार इस सर्वे के लिए प्रपत्र तैयार हो चुके हैं। जुलाई तक साक्षात्कार और समूह चर्चा का दौर पूरा करके आंकड़ें इकट्ठे किए जाएंगे। इसके बाद पूरे देश में इस तरह के सर्वे की पूरी रिपोर्ट तैयार होगी। डेढ़ लाख महिलाओं में से 10 हजार महिलाएं वनवासी परिवारों से होंगी। इन महिलाओं की स्थिति के अध्ययन का जिम्मा वनवासी कल्याण आश्रम को दिया गया है जो संघ परिवार का वनवासी क्षेत्रों में कार्य करने वाला प्रमुख संगठन माना जाता है। राजस्थान के वनवासी हिस्से में 50 गांव आए हैं। हर गांव में 10-10 महिलाओं का अध्ययन किया जाएगा।
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वनवासी क्षेत्र की अखिल भारतीय अध्ययन प्रमुख राधिका लढा ने बताया कि महिलाओं की स्थिति जानने के लिए हर पहलू पर चर्चा की जाएगी। राजस्थान में उदयपुर संभाग में अध्ययन का फोकस ज्यादा रहेगा, क्योंकि टीएसपी का अधिकतर क्षेत्र इसी संभाग का है।