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रेजीडेंट्स डॉक्टर्स ने भी शुरू की पेनडाउन हड़ताल, बढ़ी मरीजों की परेशानी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 08 Nov 2017 06:51 PM IST
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राजस्थान में मरीजों की परेशानी दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है। एक ओर जहां सेवारत चिकित्सक पहले से हड़ताल पर चल रहे थे वहीं अब रेजीडेंट डाॅक्टर्स ने भी पेनडाउन हड़ताल शुरू कर दी है। रेजीडेंट्स ने साफ कहा कि जब तक सरकार सभी मांगे नहीं मानती तब तक काम पर नहीं लौटेंगे। रेजीडेंटस के हड़ताल पर जाने से अजमेर संभाग के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल से भी मरीजों को छुट्टी देकर भेजना शुरू कर दिया गया है।
अजमेर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज के रेजीडेंट्स ने भी बुधवार से सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में काम का बहिष्कार शुरू कर दिया है। रेजीडेंट्स ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपने रोष का इजहार किया। रेजीडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष डाॅ. राजेन्द्र लामरोड़ ने बताया कि मेडिकल काॅलेज के सभी रेजीडेंट्स पेनडाउन हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार की हठधर्मितापूर्ण कार्यवाही से रेजीडेंट्स में भी रोष गहराता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी जाती, तब तक काम नहीं किया जाएगा। सेवारत चिकित्सकों के बाद अब रेजीडेंटस के भी हड़ताल पर जाने से अस्पतालों की व्यवस्था पूरी तरह गड़बड़ाने लगी हैं। वार्ड भी खाली होने लगे हैं। मरीजों को छुट्टियां दी जा रही हैं। वहीं जिला प्रशासन अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने में लगा हुआ है।
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अजमेर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज के रेजीडेंट्स ने भी बुधवार से सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में काम का बहिष्कार शुरू कर दिया है। रेजीडेंट्स ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपने रोष का इजहार किया। रेजीडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष डाॅ. राजेन्द्र लामरोड़ ने बताया कि मेडिकल काॅलेज के सभी रेजीडेंट्स पेनडाउन हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार की हठधर्मितापूर्ण कार्यवाही से रेजीडेंट्स में भी रोष गहराता जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी जाती, तब तक काम नहीं किया जाएगा। सेवारत चिकित्सकों के बाद अब रेजीडेंटस के भी हड़ताल पर जाने से अस्पतालों की व्यवस्था पूरी तरह गड़बड़ाने लगी हैं। वार्ड भी खाली होने लगे हैं। मरीजों को छुट्टियां दी जा रही हैं। वहीं जिला प्रशासन अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने में लगा हुआ है।
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आधा दर्जन से अधिक मरीजों की मौत
डेमो
- फोटो : डेमो
पिछले दो दिन में इलाज के अभाव में प्रदेश में आधा दर्जन से अधिक मरीज दम तोड़ चुके है लेकिन डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा है। विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान में करीब दस हजार चिकित्सक सामूहिक हड़ताल पर है। हड़ताल को खत्म करने के लिए राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ और सरकार के बीच हुई वार्ता बीती रात फिर से फेल हो गई।
जानकारी के अनुसार चिकित्सा संघ की प्रमुख 18 मांगों में से दस मांगों पर सहमति बन गई थी। लेकिन आठ मांगों पर सहमति नहीं बनने से वार्ता विफल हो गई।
जानकारी के अनुसार चिकित्सा संघ की प्रमुख 18 मांगों में से दस मांगों पर सहमति बन गई थी। लेकिन आठ मांगों पर सहमति नहीं बनने से वार्ता विफल हो गई।