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80 की उम्र में ये भक्त 25 साल से ऐसे आ रहा रामदेवरा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 06 Sep 2017 06:47 PM IST
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आईदनाराम
- फोटो : amar ujala
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देश से लेकर दुनिया तक अपनी अलग पहचान रखने वाला रामदेवरा मेला धूमधाम से आयोजित हुआ। यहां भक्त भी अलग-अलग तरह से अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ यहां पहुंचे।
ऐसे ही भक्त हैं आईदनाराम। नागौर जिले जुंजाला गांव के रहने वाले आईदानराम की उम्र 80 वर्ष है। वे 25वीं बार कनक दंडवत करते हुए जैसलमेर के रामदेवरा पहुंचे। देश में अमन चैन और खुशहाली की कामना को लेकर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
उन्होंने बताया कि करीब 300 किलोमीटर का लंबा सफर यह कनक दंडवत करते हुए 5 महीने के दौरान पूरा कर पाए हैं। आईदनाराम की इस यात्रा में खास बात ये हैं कि वे रामदेवरा पहुंचते भी ऐसे ही हैं और वापसी का सफर भी इसी तरह पूरा करते हैं।
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छोटे से हाथ ठेले के ऊपर बाबा रामदेव का छोटा मंदिर बनाकर सुबह-शाम 5 टाइम पूजा-अर्चना करते हुए हर साल रामदेवरा आते हैं। उन्होंने बताया कि जब तक शरीर में जान रहेगी इसी तरह आने का क्रम जारी रखेंगे। पिछले 25 वर्षों से लगातार दंडवत यात्रा करके वे रामदेवरा आ रहे हैं।
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ऐसे ही भक्त हैं आईदनाराम। नागौर जिले जुंजाला गांव के रहने वाले आईदानराम की उम्र 80 वर्ष है। वे 25वीं बार कनक दंडवत करते हुए जैसलमेर के रामदेवरा पहुंचे। देश में अमन चैन और खुशहाली की कामना को लेकर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
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उन्होंने बताया कि करीब 300 किलोमीटर का लंबा सफर यह कनक दंडवत करते हुए 5 महीने के दौरान पूरा कर पाए हैं। आईदनाराम की इस यात्रा में खास बात ये हैं कि वे रामदेवरा पहुंचते भी ऐसे ही हैं और वापसी का सफर भी इसी तरह पूरा करते हैं।
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छोटे से हाथ ठेले के ऊपर बाबा रामदेव का छोटा मंदिर बनाकर सुबह-शाम 5 टाइम पूजा-अर्चना करते हुए हर साल रामदेवरा आते हैं। उन्होंने बताया कि जब तक शरीर में जान रहेगी इसी तरह आने का क्रम जारी रखेंगे। पिछले 25 वर्षों से लगातार दंडवत यात्रा करके वे रामदेवरा आ रहे हैं।