{"_id":"5a70775b4f1c1ba3268b7611","slug":"rajasthan-sikar-valmiki-community-agrees-for-funeral-in-4-kids-death-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"विवाद निपटा, तीन दिन बाद जाकर हुआ चार मासूमों का अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवाद निपटा, तीन दिन बाद जाकर हुआ चार मासूमों का अंतिम संस्कार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 30 Jan 2018 07:30 PM IST
विज्ञापन
धरना समाप्त करते वाल्मिकी समाज के लोग
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आखिर तीन दिन से चल रहा विवाद निपट गया और मिट्टी में दबने से काल का ग्रास बने चार मासूमों को पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद आज उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
मामला राजस्थान के सीकर का है। यहां तीन दिन पहले एक हादसे में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत मिट्टी में दबने से हो गई थी। इसके बाद मुआवजे की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज और परिजन अड़ गए। मामला सुलझाने के लिए वार्ता के कई दौर हुए। इस दौरान सीकर और अस्पतालों में सफाई कार्य का बहिष्कार कर वाल्मीकि समाज के लोग एसके अस्पताल की मोर्चरी के बाहर ही धरना देकर बैठे थें। आज प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के लोगों के बीच बातचीत सफल रही। जिसके बाद इन चारों मासूमों को पोस्टमार्टम हुआ।
वाल्मीकि समाज के लोगों की मांग थी कि मृतक के आश्रितों को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। इस मामले को लेकर मंगलवार सुबह एडीएम जयप्रकाश ,नगर परिषद सभापति जीवन खा,पूर्व मंत्री राजेंद्र पारीक , विधायक रतन जलधारी सहित वाल्मीकि समाज के लोग वार्ता में शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला राजस्थान के सीकर का है। यहां तीन दिन पहले एक हादसे में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत मिट्टी में दबने से हो गई थी। इसके बाद मुआवजे की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज और परिजन अड़ गए। मामला सुलझाने के लिए वार्ता के कई दौर हुए। इस दौरान सीकर और अस्पतालों में सफाई कार्य का बहिष्कार कर वाल्मीकि समाज के लोग एसके अस्पताल की मोर्चरी के बाहर ही धरना देकर बैठे थें। आज प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के लोगों के बीच बातचीत सफल रही। जिसके बाद इन चारों मासूमों को पोस्टमार्टम हुआ।
विज्ञापन
वाल्मीकि समाज के लोगों की मांग थी कि मृतक के आश्रितों को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। इस मामले को लेकर मंगलवार सुबह एडीएम जयप्रकाश ,नगर परिषद सभापति जीवन खा,पूर्व मंत्री राजेंद्र पारीक , विधायक रतन जलधारी सहित वाल्मीकि समाज के लोग वार्ता में शामिल हुए।
विज्ञापन
10 लाख के मुआवजे और सरकारी नौकरी पर बनी सहमति
मुर्दाघर के बाहर जमा वाल्मिकी समाज के लोग
वार्ता में सरकारी नौकरी के संबंधी प्रस्ताव को नगर परिषद की ओर से राज्य सरकार को भेजने पर सहमति बनी। इसके अलावा मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपए का मुआवजा के लिए भी प्रस्ताव सरकार को भेजने पर सहमति बनी। वार्ता में मृतक के आश्रितों को तत्काल 10 लाख रुपए की सहायता राशि के लिए विभिन्न संगठनों की सहायता लेकर देने पर सहमति बनी। सभी मांगों पर सहमति बनने के बाद में समाज के लोगो ने बच्चों के पोस्टमार्टम की सहमति दी।
इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और तीनों शवों का पोस्टमार्टम शुरू करवाया गया। बाद में गमगीन माहौल में चारों मासूमों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गौरतलब है रविवार को खेलते समय वन विभाग की जमीन पर खोदी गई खाई की मिट्टी ढहने से चार बच्चों की दबने से मौत हो गई थी।
इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और तीनों शवों का पोस्टमार्टम शुरू करवाया गया। बाद में गमगीन माहौल में चारों मासूमों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गौरतलब है रविवार को खेलते समय वन विभाग की जमीन पर खोदी गई खाई की मिट्टी ढहने से चार बच्चों की दबने से मौत हो गई थी।