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जहरीली शराब पीने से हुई थी 23 लोगों की मौत, कोर्ट ने अभियुक्तों को राहत देने से किया इनकार

Wed, 07 Feb 2018 09:05 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Wed, 07 Feb 2018 09:05 PM IST
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rajasthan jaipur no relief to liquor vendors by highcourt in shahpura case
rajasthan highcourt
साल 2008 में जहरीली शराब पीने से हुई 23 लोगों की मौत मामले में आज अदालत ने तीन अभियुक्तों को राहत देने से इनकार कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने शाहपुरा के हनूतपुरा गांव में वर्ष 2008 में जहरीली शराब से हुई 23 लोगों की मौत के मामले में तीन अभियुक्तों को राहत देने से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने तीनों अभियुक्तों की अपील के लंबित रहने के दौरान सजा स्थगित करने के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश गोरधन बाढ़दार की खंडपीठ ने यह आदेश गोपाल, जगदीश और गुलाबी देवी की ओर से दायर अपील में पेश सजा स्थगित करने वाले प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए दिए। 
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मामले के अनुसार 9 दिसंबर 2008 को हनूतपुरा गांव में जहरीली शराब पीने से 23 लोगों की मौत हो गई थी। इसके साथ ही 22 लोगों की आंखे क्षतिग्रस्त हुई और तीन लोग पूरी तरह अंधे हो गए थे। घटना को लेकर पुलिस ने अपीलार्थी सहित अन्य को गिरफ्तार किया। एडीजे शाहपुरा ने गत वर्ष 30 अगस्त को अपीलार्थी गोपाल और जगदीश को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए कुल बीस लाख रुपए का जुर्माना लगाया, जबकि गुलाबी देवी को सात साल की सजा और एक लाख रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई।
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इसलिए खारिज हुई अपील

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तीनों अभियुक्तों की ओर से इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई। वहीं प्रार्थना पत्र पेश कर अपील लंबित रहने के दौरान जमानत पर रिहा करने की गुहार की। जिसका विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर से एएजी बीएन सांदू ने कहा कि एफएसएल जांच में मौत का कारण मिथाइल एल्कोहल आया है। अभियुक्तों ने समाज के विपरीत अपराध किया है। यदि इन्हें जमानत पर रिहा किया गया तो अभियुक्तों के हौंसले बुलंद होंगे। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने सजा स्थगित करने के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। 


 
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