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आतंकवाद से निपटने के लिए यहां मैदान में उतरी इंडियन और ब्रिटिश आर्मी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 01 Dec 2017 03:53 PM IST
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फाइल फोटो।
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यूएन समेत दुनिया के अधिकतर देशों के राष्ट्राध्यक्ष आतंकवाद को दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानते है। भारत जैसे देश आतंकवाद के दंश को कई दशकों से झेल रहे है, लेकिन अब अन्य देशों के साथ मिलकर किए जा रहे संयुक्त युद्धाभ्यास भारतीय सेना की ताकत को और बढ़ा रहे है।
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इसके तहत में राजस्थान के बीकानेर स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आज से अजेय वॉरियर—2017 की शुरुआत हुई। इस युद्धाभ्यास में भारतीय सेना की ओर से राजपूताना राईफल्स की 20वीं बटालियन की एक कंपनी और ब्रिटिश सेना की ओर से रॉयल एंगलियन रेजीमेंट की पहली बटालियन हिस्सा ले रही है।
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पहले भी हो चुके है यहां युद्धाभ्यास
फाइल फोटो।
14 दिनों तक चलने वाले इस संयुक्त युद्धाभ्यास में दोनों सेनाओं के 120-120 सैनिक हिस्सा ले रहे। आज संयुक्त युद्धाभ्यास की शुरुआत लेफ्टिनेंट कर्नल संग्राम यादव व मेजर डेविड ग्रीनफील्ड के संबोधन के साथ हुई। इस मौके पर दो सप्ताह तक चलने वाले युद्धाभ्यास की भी जानकारी दी गई है। गौरतलब है कि इससे पूर्व महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में फ्रांस व रुस की सेनाओं के साथ भी युद्धाभ्यास हो चुका है।
दोनों देशों के बीच यह तीसरा संयुक्त युद्ध अभ्यास है। दोनों देशों के बीच में सैन्य सहयोग का पुराना इतिहास रहा है। पहला अभ्यास वर्ष 2013 में बेलगाम में एवं दूसरा युद्ध अभ्यास वर्ष 2015 में यूके में आयोजित किया गया था।
दोनों सेनाएं एक दूसरे के अनुभव से भी सीखेंगी और अपने अनुभव साझा करेंगी। जहां 20 राजपूताना राइफल्स को काउंटर टेररिज्म के क्षेत्र में ऑपरेशन पवन एवं जम्मू-कश्मीर में सैनिक गतिविधि का व्यापक अनुभव है वहीं प्रथम बटालियन रॉयल एंगलियन रेजिमेंट को अफगानिस्तान और इराक में अपना युद्ध कौशल दिखाने का अनुभव है।
दोनों देशों के बीच यह तीसरा संयुक्त युद्ध अभ्यास है। दोनों देशों के बीच में सैन्य सहयोग का पुराना इतिहास रहा है। पहला अभ्यास वर्ष 2013 में बेलगाम में एवं दूसरा युद्ध अभ्यास वर्ष 2015 में यूके में आयोजित किया गया था।
दोनों सेनाएं एक दूसरे के अनुभव से भी सीखेंगी और अपने अनुभव साझा करेंगी। जहां 20 राजपूताना राइफल्स को काउंटर टेररिज्म के क्षेत्र में ऑपरेशन पवन एवं जम्मू-कश्मीर में सैनिक गतिविधि का व्यापक अनुभव है वहीं प्रथम बटालियन रॉयल एंगलियन रेजिमेंट को अफगानिस्तान और इराक में अपना युद्ध कौशल दिखाने का अनुभव है।