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27 साल बाद आज तय हुआ कि किस अदालत में होगी मामले की सुनवाई
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 12 Dec 2017 03:03 PM IST
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अदालत।
- फोटो : amar ujala
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27 साल पहले अदालत के सामने आया मामला अदालतों में घूमता रहा। अब आज जाकर ये तय हुआ कि किस अदालत में सुनवाई होगी।
जानकारी के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 साल पुराने मामले के रेफरेंस को तय करते हुए कहा है कि हाईकोर्ट 1989 में ही तय कर चुका है कि केवल डकैती के मामले में सुनवाई डकैती उन्मूलन की विशेष अदालत में होगी, जबकि मारपीट और लूट के मामले की ट्रायल नियमित अदालत में होगी।
न्यायाधीश के.एस. अहलुवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश करौली डीजे की ओर से भेजे गए रेफरेंस को तय करते हुए दिए।
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जानकारी के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 साल पुराने मामले के रेफरेंस को तय करते हुए कहा है कि हाईकोर्ट 1989 में ही तय कर चुका है कि केवल डकैती के मामले में सुनवाई डकैती उन्मूलन की विशेष अदालत में होगी, जबकि मारपीट और लूट के मामले की ट्रायल नियमित अदालत में होगी।
न्यायाधीश के.एस. अहलुवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश करौली डीजे की ओर से भेजे गए रेफरेंस को तय करते हुए दिए।
1988 का है ये मामला, जानें...
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- फोटो : Internet
मामले के अनुसार 1988 में मारपीट व लूट के एक मामले में चार्जशीट को नियमित अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट ने इसे डकैती का मामला बताते हुए दस्यू उन्मूलन कानून के तहत विशेष अदालत में भेज दिया।
वहीं विशेष अदालत ने मामले को डकैती न मानते हुए आईपीसी के तहत ही माना और सुनवाई से इंकार कर दिया। इस पर डीजे करौली ने 1990 में हाईकोर्ट को रेफरेंस भेजकर पूछा कि मामला डकैती की परिभाषा में आता है या नहीं?
वहीं विशेष अदालत ने मामले को डकैती न मानते हुए आईपीसी के तहत ही माना और सुनवाई से इंकार कर दिया। इस पर डीजे करौली ने 1990 में हाईकोर्ट को रेफरेंस भेजकर पूछा कि मामला डकैती की परिभाषा में आता है या नहीं?