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फिर अटक सकती है यहां मरीजों की सांस, पूर्व में आंदोलन की भेंट चढ़े थे 30 मरीज
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 05 Dec 2017 12:20 PM IST
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राजस्थान में एक बार फिर 10 हजार से ज्यादा डॉक्टर आंदोलन की राह पर है।
डॉक्टरों का आरोप है कि राज्य सरकार उनके नेताओं का जबरन ट्रांसफर कर रही है। साथ ही पिछली हड़ताल के दौरान जो समझौता लागू हुआ था, उसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इस हड़ताल के दौरान 30 से अधिक मरीजों की मौत समय पर इलाज नहीं मिलने से हुई थी।
सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए राजस्थान में राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ के आह्वान पर चार दिन से आंदोलन चल रह है। फिलहाल आंदोलन के तहत डॉक्टर अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं कर रहे है। वे बाहर खुले में टेंट लगाकर मरीज देख रहे है। इस बार सेवारत डॉक्टरों के इस आंदोलन को रेजीडेंट डॉक्टरों का भी सहयोग मिल रहा है। इसके तहत बीती रात जयपुर में रेजीडेंट डॉक्टरों ने सेवारत डॉक्टरों की मांगों के समर्थन में कैंडल मार्च भी निकाल कर प्रदर्शन किया। इस दौरान चिकित्सा मंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।
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डॉक्टरों का आरोप है कि राज्य सरकार उनके नेताओं का जबरन ट्रांसफर कर रही है। साथ ही पिछली हड़ताल के दौरान जो समझौता लागू हुआ था, उसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इस हड़ताल के दौरान 30 से अधिक मरीजों की मौत समय पर इलाज नहीं मिलने से हुई थी।
सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए राजस्थान में राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ के आह्वान पर चार दिन से आंदोलन चल रह है। फिलहाल आंदोलन के तहत डॉक्टर अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं कर रहे है। वे बाहर खुले में टेंट लगाकर मरीज देख रहे है। इस बार सेवारत डॉक्टरों के इस आंदोलन को रेजीडेंट डॉक्टरों का भी सहयोग मिल रहा है। इसके तहत बीती रात जयपुर में रेजीडेंट डॉक्टरों ने सेवारत डॉक्टरों की मांगों के समर्थन में कैंडल मार्च भी निकाल कर प्रदर्शन किया। इस दौरान चिकित्सा मंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।
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सरकार को दी है चेतावनी
फाइल फोटो।
डॉक्टरों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दे रखी है। ऐसे में यदि आंदोलन तेज होता है तो मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ सकती है। पिछले बार आंदोलन के दौरान 10 हजार डॉक्टर हड़ताल पर गए थे। इस दौरान 30 से ज्यादा मरीजों की मौत हुई थी।