{"_id":"5a2500aa4f1c1b0d698bfd08","slug":"rajasthan-jaipur-cotroversial-bill-time-end-today-in-rajasthan","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आज समाप्त हो जाएगा 'काला कानून', ये है कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज समाप्त हो जाएगा 'काला कानून', ये है कारण
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 04 Dec 2017 01:49 PM IST
विज्ञापन
वसुंधरा राजे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं को बचाने वाले जिस कानून को लेकर राजस्थान सरकार निशाने पर रही है, उस विधेयक की समय सीमा आज समाप्त हो रही है।
दरअसल, राजस्थान सरकार ने बीते 23 अक्टूबर को विधानसभा में 'दंड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश, 2017' प्रस्तुत किया था, लेकिन सरकार इस बिल को विधानसभा में पास नहीं करा सकी। ऐसे में विधानसभा पेश होने की वजह से ये अध्यादेश उसी दिन से लागू हो गया था, लेकिन 42 दिन की अवधि में पारित नहीं होने से यह अब समाप्त स्वत: समाप्त हो जाएगा।
विज्ञापन
दरअसल, राजस्थान सरकार ने बीते 23 अक्टूबर को विधानसभा में 'दंड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश, 2017' प्रस्तुत किया था, लेकिन सरकार इस बिल को विधानसभा में पास नहीं करा सकी। ऐसे में विधानसभा पेश होने की वजह से ये अध्यादेश उसी दिन से लागू हो गया था, लेकिन 42 दिन की अवधि में पारित नहीं होने से यह अब समाप्त स्वत: समाप्त हो जाएगा।
सभी ने किया था विरोध
rajasthan assembly
इस अध्यादेश के पिछले 42 दिन से प्रभावी रहने की वजह से इस्तगासे के माध्यम के किसी के भी खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं सकते थे। इसके लिए सरकार से मंजूरी जरुरी थी।
इस दौरान बिना मीडिया पर भी भ्रष्ट अधिकारी और नेताओं के नाम छापने पर पाबंदी थी। इस बिल पर राजस्थान सरकार की देशभर में किरकिरी हुई थी। यहां तक कि भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने दबी जुबान में इसका विरोध किया। विपक्ष ने इसे काला कानून करार दिया था। अभी यह बिल प्रवर समिति के पास विचाराधीन है।
इस दौरान बिना मीडिया पर भी भ्रष्ट अधिकारी और नेताओं के नाम छापने पर पाबंदी थी। इस बिल पर राजस्थान सरकार की देशभर में किरकिरी हुई थी। यहां तक कि भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने दबी जुबान में इसका विरोध किया। विपक्ष ने इसे काला कानून करार दिया था। अभी यह बिल प्रवर समिति के पास विचाराधीन है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार फिर से लाएगी बिल
law
सरकार का कहना है कि बिल में संशोधन कर इसे पुन: विधानसभा में लाया जाएगा। वहीं राजस्थान सरकार का इस बिल को लेकर तर्क रहा है कि अधिकारियों व नेताओं के खिलाफ झूठे मुकदमों की बाढ़ आ गई है। इसलिए महाराष्ट्र की तर्ज पर यह कानून लाया गया है।