Rajasthan: महिला IAS अफसर की मनमानी, पांच साल बीतने पर भी बिहार से नहीं लौटीं, राजस्थान सरकार परेशान
राजस्थान ब्यूरोक्रेसी का सबसे पहला और अजीबोगरीब मामला है। जब एक महिला अफसर राजस्थान सरकार के बुलाने पर लौट नहीं रही है। यह मामला प्रदेश की सरकार, बिहार सरकार और केन्द्र सरकार सभी के लिए सिरदर्द बन गया है।
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'तारीख पर तारीख' फिल्म 'दामिनी' का सन्नी देवल का ये फेमस डॉयलॉग तो आपने सुना ही होगा। ठीक ऐसे ही राजस्थान में अजीबोगरीब मामला सामने आया। जिसमें एक महिला अफसर पांच साल से अधिक समय से डेपुटेशन पर डेपुटेशन मांगी जा रही हैं। राजस्थान सरकार ने महिला अफसर को लौटने के लिए कई पत्र लिखा। अब महिला अफसर न तो लौट रही हैं और न ही पत्र का जवाब दे रही हैं।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार 2005 बैच की राजस्थान कैडर की IAS अफसर पूनम छह साल पहले 2016 में डेपुटेशन पर गई थीं। उन्हें यह डेपुटेशन बिहार जाने के लिए 3 साल के लिए मिला था। उसके बाद उन्होंने कोरोना का हवाला देकर 1 साल के लिए अपना डेपुटेशन बढ़वा लिया। केंद्र, राजस्थान और बिहार की सरकारों ने उन्हें विशेष परिस्थितियां देखते हुए यह इजाजत दे दी। फिर उनका डेपुटेशन अक्टूबर 2020 में पूरा हो गया।
महिला अफसर ने फिर कोरोना का हवाला देकर डेपुटेशन मांगा लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली इसके बाद पूनम कैट के शरण में गई। जिसके बाद उन्हें फिर एक साल का डेपुटेशन मिल गया लेकिन यह डेपुटेशन भी अक्टूबर 2021 में समाप्त हो गया। अब एक साल बीत गया है लेकिन IAS अफसर पूनम नहीं लौटी हैं। अब यह मामला प्रदेश की सरकार, बिहार सरकार और केन्द्र सरकार सभी के लिए सिरदर्द बन गया है।
बीकानेर, सवाई माधोपुर, डूंगरपुर की जिला कलेक्टर रह चुकी हैं पूनम
बता दें कि पूनम राजस्थान में बीकानेर, सवाई माधोपुर, डूंगरपुर और बूंदी जिले की कलेक्टर भी रह चुकी हैं। फिलहाल, वो बिहार में ही हैं। कार्मिक विभाग के पत्र का उन्होंने संतोषजनकर जवाब नहीं दिया। जिसके बाद कार्मिक विभाग उनपर कार्रवाई का मन बना चुका है। विभाग के मंत्री होने के नाते इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी भेज दी गई है। कार्मिक विभाग के प्रमुख शासन सचिव हेमंत गेरा ने इस संबंध में आगे कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है।
कार्मिक विभाग कार्रवाई करने की तैयारी में
अब विभाग उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का मन बना चुका है और केन्द्र के कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग और बिहार राज्य सरकार को अपनी आपत्ति दर्ज करवाने वाला है। विभाग के मंत्री होने के नाते इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी भेज दी गई है। कार्मिक विभाग के प्रमुख शासन सचिव हेमंत गेरा ने इस संबंध में आगे कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में इसे इस तरह का पहला मामला बताया जा रहा है। जब किसी और राज्य में डेपुटेशन पर गया कोई आईएएस अफसर 5 साल बीत जाने के बावजूद नहीं लौटा हो।
5 साल तक रह सकते हैं होम स्टेट में
भारत सरकार के नियम के अनुसार कोई भी आईएएस या आईपीएस अफसर अपने सर्विस कैडर से होम स्टेट जा सकता है लेकिन पूरी सेवा के दौरान अफसर कुल मिलाकर अधिकतम 5 साल के लिए डेपुटेशन पर रह सकता है। इससे ज्यादा का कोई मामला पूरे देश में सामने नहीं आया है।