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बीस करोड़ लगाने के बाद भी क्यों नहीं चल रहे जेल के जैमर, हाईकोर्ट सख्त
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 05 Feb 2018 07:59 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने जेल में जैमर लगे होने के बावजूद कैदियों के मोबाइल पर बात करने के मामले में नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि बीस करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी जैमर क्यों नहीं चल रहे हैं।
अदालत ने जेल में मोबाइल पकड़ने के लिए मुहिम छेड़ने के निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई पांच मार्च को तय की है। न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश गोरधन बाढ़दार की खंडपीठ ने यह आदेश प्रकरण में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकर की ओर से कहा गया कि गत दिनों अजमेर जेल का दौरा किया गया था। जिसमें सामने आया कि आसपास टावर नहीं होने के बावजूद भी जैमर काम नहीं कर रहे हैं। इस पर न्यायमित्र प्रतीक कासलीवाल ने कहा कि जैमर लगाने के लिए बीस करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।
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अदालत ने जेल में मोबाइल पकड़ने के लिए मुहिम छेड़ने के निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई पांच मार्च को तय की है। न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश गोरधन बाढ़दार की खंडपीठ ने यह आदेश प्रकरण में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए।
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सुनवाई के दौरान राज्य सरकर की ओर से कहा गया कि गत दिनों अजमेर जेल का दौरा किया गया था। जिसमें सामने आया कि आसपास टावर नहीं होने के बावजूद भी जैमर काम नहीं कर रहे हैं। इस पर न्यायमित्र प्रतीक कासलीवाल ने कहा कि जैमर लगाने के लिए बीस करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।
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अदालत को ये भी बताया
न्यायमित्र की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि गत अक्टूबर माह से जेल में विजिट के लिए एनओवी की नियुक्ति नहीं हुई है। इसके अलावा रोटी मेकर भी खराब पड़े हैं। इस पर अदालत ने कहा कि यह बड़े शर्म की बात है कि तीन साल पहले आदेश देने के बावजूद अब तक रोटी मेकर नहीं लगे हैं।
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि जयपुर और उदयपुर जेल के रोटी मेकर ठीक कर दिए गए हैं। इसके अलावा अन्य जेलों में भी जल्द ही रोटी मेकर चलाए जाएंगे। राज्य सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि एनओवी की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी।
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि जयपुर और उदयपुर जेल के रोटी मेकर ठीक कर दिए गए हैं। इसके अलावा अन्य जेलों में भी जल्द ही रोटी मेकर चलाए जाएंगे। राज्य सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि एनओवी की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी।