फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   rajasthan highcourt shows serious concerns on illegal bus operations in rajasthan

अफसरों पर करो कार्रवाई तभी रुकेगा अवैध बस संचालन: कोर्ट

Thu, 14 Sep 2017 08:40 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 14 Sep 2017 08:40 PM IST
विज्ञापन
rajasthan highcourt shows serious concerns on illegal bus operations in rajasthan
कोर्ट - फोटो : सांकेतिक चित्र
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में अवैध बस संचालन के मामले में पेश परिवहन आयुक्त शैलेन्द्र अग्रवाल को कहा कि यदि विभाग संबंधित आरटीओ और डीटीओ को निलंबित करें तो बसों का अवैध संचालन रुक जाएगा। अदालत ने कहा कि विभाग, पुलिस और रोडवेज की मिलीभगत से अवैध बसें चल रही हैं। जिसके कारण रोडवेज को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही अदालत ने अवैध बसों का संचालन बंद करने के आदेश देते हुए तीस अक्टूबर को पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है। 
विज्ञापन


न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश सुरेन्द्र कुमार पारीक की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।सुनवाई के दौरान परिवहन आयुक्त, सीकर और अजमेर आरटीओ व झुंझुनूं सहित अन्य अधिकारी पेश हुए। परिवहन आयुक्त ने अदालत के समक्ष स्वीकार किया कि कॉन्ट्रेक्ट कैरिज का परमिट लेकर हजारों बसें स्टेज कैरिज के रूप में यात्रियों को बैठा रही हैं। 
विज्ञापन


आयुक्त ने कहा कि हमारे पास पूरा जाब्ता नहीं है, इसके बावजूद भी अवैध बसों को रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है। वहीं अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि सबकुछ मिलीभगत से हो रहा है। यहां तक की रोडवेज की बस भी इन बसों के काफी पीछे चलाई जाती है, ताकि इन बसों को सवारी मिल सके। इसके अलावा विभाग भी इस मिलभगत में शामिल है। यदि दोषी अफसरों पर निलंबन की कार्रवाई हो जाए तो अवैध बसों का संचालन अपने आप रुक जाएगा। इसके साथ ही अदालत ने अवैध बसों का संचालन रोकने के आदेश देते हुए तीस अक्टूबर को पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed