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सरकार अपील को किया खारिज, ब्याज सहित लौटाना होगा जुर्माना
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 02 Dec 2017 09:24 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने एक मामले में राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया। अदालत ने इस मामले में कंपनी से वसूले जुर्माने को ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने एकलपीठ के 26 अक्टूबर 2016 के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसके तहत एकलपीठ ने मैसर्स देवगंगा ट्रेडर्स पर 52 लाख रुपए की पेनल्टी लगाने और रॉयल्टी वसूलने का ठेका रद्द करने संबंधी सरकार का आदेश रद्द कर दिया था। न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए दिए।
अदालत ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह वसूली गई राशि पर नौ फीसदी ब्याज भी अदा करें। गौरतलब है कि सरकार ने फर्म पर रॉयल्टी ज्यादा वसूल करने के आधार पर उसका ठेका रद्द करते हुए पेनल्टी लगाई थी। इसे फर्म की ओर से एकलपीठ में चुनौती दी गई। एकलपीठ ने राज्य सरकार के 30 नवंबर 2009 के फर्म की अपील खारिज करने और खान विभाग के उपसचिव की ओर से एक फरवरी 2010 के आदेश से रिवीजन खारिज करने के आदेश को भी निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ राज्य सरकार की ओर से खंडपीठ में अपील दायर की गई थी।
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हाईकोर्ट ने एकलपीठ के 26 अक्टूबर 2016 के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसके तहत एकलपीठ ने मैसर्स देवगंगा ट्रेडर्स पर 52 लाख रुपए की पेनल्टी लगाने और रॉयल्टी वसूलने का ठेका रद्द करने संबंधी सरकार का आदेश रद्द कर दिया था। न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए दिए।
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अदालत ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह वसूली गई राशि पर नौ फीसदी ब्याज भी अदा करें। गौरतलब है कि सरकार ने फर्म पर रॉयल्टी ज्यादा वसूल करने के आधार पर उसका ठेका रद्द करते हुए पेनल्टी लगाई थी। इसे फर्म की ओर से एकलपीठ में चुनौती दी गई। एकलपीठ ने राज्य सरकार के 30 नवंबर 2009 के फर्म की अपील खारिज करने और खान विभाग के उपसचिव की ओर से एक फरवरी 2010 के आदेश से रिवीजन खारिज करने के आदेश को भी निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ राज्य सरकार की ओर से खंडपीठ में अपील दायर की गई थी।
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