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कोर्ट ने पूछा रेस्मा के तहत हड़ताली डॉक्टरों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 27 Nov 2017 08:27 PM IST
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हड़ताल के दौरान कई मरीजों की गई थी जान
- फोटो : Amar Ujala
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राजस्थान हाईकोर्ट ने निचली अदालत से पूछा है कि वर्ष 2011 में हुई डॉक्टर हड़ताल को लेकर अशोक नगर थाने की ओर से रेस्मा के तहत पेश आरोप पत्र पर क्या कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अदालत ने प्रकरण की सुनवाई छह सप्ताह के लिए टाल दी है।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश अभिनव शर्मा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। वहीं अदालत ने प्रकरण में अधिवक्ता महेश शर्मा की ओर से पेश याचिका को निस्तारित करते हुए कहा है कि वह अभिनव शर्मा जी याचिका में अपना पक्ष अदालत के समक्ष रख सकते हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वर्ष 2011 में अशोकनगर थाना पुलिस ने कुछ चिकित्सकों के खिलाफ रेस्मा के तहत निचली अदालत में आरोप पत्र पेश किया था, लेकिन छह साल बीतने के बाद भी अब तक प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक की निचली अदालत से पत्रावली ही गायब हो चुकी है। इस पर अदालत ने निचली अदालत से छह सप्ताह में बताने को कहा है कि प्रकरण में अब तक क्या कार्रवाई की गई।
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मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश अभिनव शर्मा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। वहीं अदालत ने प्रकरण में अधिवक्ता महेश शर्मा की ओर से पेश याचिका को निस्तारित करते हुए कहा है कि वह अभिनव शर्मा जी याचिका में अपना पक्ष अदालत के समक्ष रख सकते हैं।
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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वर्ष 2011 में अशोकनगर थाना पुलिस ने कुछ चिकित्सकों के खिलाफ रेस्मा के तहत निचली अदालत में आरोप पत्र पेश किया था, लेकिन छह साल बीतने के बाद भी अब तक प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक की निचली अदालत से पत्रावली ही गायब हो चुकी है। इस पर अदालत ने निचली अदालत से छह सप्ताह में बताने को कहा है कि प्रकरण में अब तक क्या कार्रवाई की गई।
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