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बोनस अंक ना मिलने से नहीं बन पाया था कांस्टेबल, कोर्ट ने अभ्यर्थी के हक में सुनाया फैसला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 01 Nov 2017 08:07 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने कॉन्स्टेबल भर्ती-2013 में अभ्यर्थी को कंप्यूटर प्रमाण पत्र के बोनस अंक नहीं देने के मामले में एकलपीठ के आदेश को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता अभ्यर्थी को चार सप्ताह में समस्त परिलाभों सहित कॉन्स्टेबल पद पर नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायाधीश दीपक माहेश्वरी की खंडपीठ ने यह आदेश रामवीरसिंह की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए दिए।
अपील में कहा गया कि अपीलार्थी कॉन्स्टेबल भर्ती-2013 की लिखित और दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण हुआ था। इसके बाद विभाग ने उसे दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया। जिसमें उसे कंप्यूटर प्रमाण पत्र का एक अंक बोनस के रूप में नहीं दिया गया। जिसके चलते वह चयन से वंचित हो गया। वहीं हाईकोर्ट की एकलपीठ ने यह कहते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी कि आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि तक उसके पास कंप्यूटर प्रमाण पत्र नहीं था।
एकलपीठ के इस आदेश के खिलाफ खंडपीठ में अपील की गई। अपीलार्थी की ओर से कहा गया कि प्रमाण पत्र की आवश्यकता दस्तावेज सत्यापन के समय ही होती है। ऐसे में याचिकाकर्ता को बोनस अंक देकर नियुक्ति दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को चार सप्ताह में समस्त परिलाभों के साथ नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं।
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अपील में कहा गया कि अपीलार्थी कॉन्स्टेबल भर्ती-2013 की लिखित और दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण हुआ था। इसके बाद विभाग ने उसे दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया। जिसमें उसे कंप्यूटर प्रमाण पत्र का एक अंक बोनस के रूप में नहीं दिया गया। जिसके चलते वह चयन से वंचित हो गया। वहीं हाईकोर्ट की एकलपीठ ने यह कहते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी कि आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि तक उसके पास कंप्यूटर प्रमाण पत्र नहीं था।
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एकलपीठ के इस आदेश के खिलाफ खंडपीठ में अपील की गई। अपीलार्थी की ओर से कहा गया कि प्रमाण पत्र की आवश्यकता दस्तावेज सत्यापन के समय ही होती है। ऐसे में याचिकाकर्ता को बोनस अंक देकर नियुक्ति दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को चार सप्ताह में समस्त परिलाभों के साथ नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं।
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