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जमीन अधिग्रहण करने से नाराज किसानों ने ली 'जमीन समाधि'
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 16 Feb 2018 05:36 PM IST
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सीकर में जमीन समाधि लिए बैठे किसान
- फोटो : amar ujala
सरकार ने बजट में किसानों का ऋण माफ करके भले ही राहत देने की कोशिश की हो, लेकिन अभी भी कई जगह नाराजगी व्याप्त है। ये नाराजगी जमीन अधिग्रहण को लेकर है।
सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ कस्बे में बनाए जाने वाली टोल रोड के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने विरोध का अनूठा तरीका अपनाया है। किसानों ने समाधि सत्याग्रह शुरू करके जमीन अधिग्रहण का विरोध किया है। आज यहां किसानों ने बंजारा बस्ती के पास अपनी-अपनी जमीन में गहरे खड्डे खोदे और उसमें बैठ गए। इस दौरान ग्राम सरपंच सहित कई लोग भी वहां मौजूद रहे। सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे किसान नेताओं का कहना है कि किसानों की बिना सहमति और बिना अनुमति के जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है।
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सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ कस्बे में बनाए जाने वाली टोल रोड के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने विरोध का अनूठा तरीका अपनाया है। किसानों ने समाधि सत्याग्रह शुरू करके जमीन अधिग्रहण का विरोध किया है। आज यहां किसानों ने बंजारा बस्ती के पास अपनी-अपनी जमीन में गहरे खड्डे खोदे और उसमें बैठ गए। इस दौरान ग्राम सरपंच सहित कई लोग भी वहां मौजूद रहे। सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे किसान नेताओं का कहना है कि किसानों की बिना सहमति और बिना अनुमति के जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है।
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पहले यहां भी हुआ था ऐसा ही सत्याग्रह
जमीन में समाधि लिए बैठी महिला किसान
- फोटो : amar ujala
किसानों का कहना है कि बिना अनुमति जमीन का अधिग्रहण कानून का उल्लंघन है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया जाएगा तो आंदोलन यूं ही जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि किसानों की मांग नहीं मानने तक समाधि सत्याग्रह जारी रहेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले जयपुर के नजदीक नींदड़ गांव में भी ऐसा ही आंदोलन सामने आया था। यहां जयपुर विकास प्राधिकरण गांव के नजदीक 1300 बीघा जमीन में नई कॉलोनी विकसित करने के लिए जमीन अवाप्ति शुरू की थी। इसका किसान यहां विरोध कर रहे थे। हालांकि, एक महीने तक चले सत्याग्रह के बाद भी जेडीए दस्ते ने अपना काम शुरू रखा और राजकार्य में बाधा डालने के आरोप में कई किसानों को गिरफ्तार किया।
गौरतलब है कि इससे पहले जयपुर के नजदीक नींदड़ गांव में भी ऐसा ही आंदोलन सामने आया था। यहां जयपुर विकास प्राधिकरण गांव के नजदीक 1300 बीघा जमीन में नई कॉलोनी विकसित करने के लिए जमीन अवाप्ति शुरू की थी। इसका किसान यहां विरोध कर रहे थे। हालांकि, एक महीने तक चले सत्याग्रह के बाद भी जेडीए दस्ते ने अपना काम शुरू रखा और राजकार्य में बाधा डालने के आरोप में कई किसानों को गिरफ्तार किया।