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डॉक्टर के ट्रांसफर पर सरकार से मांगा जवाब
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 25 Dec 2017 06:59 PM IST
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अदालत।
- फोटो : amar ujala
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चिकित्सकों की हड़ताल के बीच में प्रदेश में चिकित्सक ट्रांसफर से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। मामला महीनेभर में एक चिकित्सक को दो बार तबादला करने से जुड़ा है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को चार जनवरी तक जवाब पेश करने को कहा है। न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश डॉ. विक्रम चौधरी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता हनुमान चौधरी ने बताया कि सीकर में मनोचिकित्सक पद पर तैनात याचिकाकर्ता का गत 31 अक्टूबर को धौलपुर स्थानान्तरण किया गया। वहीं इसके बाद सीकर में मेडिकल कॉलेज खोला गया। जिसमें याचिकाकर्ता का बतौर व्याख्याता चयन हुआ। इसके बाद राज्य सरकार ने पुन: याचिकाकर्ता का ट्रांसफर धौलपुर कर दिया। जिसे चुनौती देते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता को व्याख्यता के पदोन्नति पद पर लगाया गया है। ऐसे में उसका चिकित्सक के तौर पर ट्रांसफर करने से वरिष्ठता प्रभावित हो सकती है। इसलिए उसके ट्रांसफर पर रोक लगाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने राज्य सरकार को चार जनवरी तक जवाब पेश करने को कहा है।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को चार जनवरी तक जवाब पेश करने को कहा है। न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश डॉ. विक्रम चौधरी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
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याचिका में अधिवक्ता हनुमान चौधरी ने बताया कि सीकर में मनोचिकित्सक पद पर तैनात याचिकाकर्ता का गत 31 अक्टूबर को धौलपुर स्थानान्तरण किया गया। वहीं इसके बाद सीकर में मेडिकल कॉलेज खोला गया। जिसमें याचिकाकर्ता का बतौर व्याख्याता चयन हुआ। इसके बाद राज्य सरकार ने पुन: याचिकाकर्ता का ट्रांसफर धौलपुर कर दिया। जिसे चुनौती देते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता को व्याख्यता के पदोन्नति पद पर लगाया गया है। ऐसे में उसका चिकित्सक के तौर पर ट्रांसफर करने से वरिष्ठता प्रभावित हो सकती है। इसलिए उसके ट्रांसफर पर रोक लगाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने राज्य सरकार को चार जनवरी तक जवाब पेश करने को कहा है।
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