राजस्थान: काली कमाई के खिलाफ सीबीआई ने मारा छापा, आय से अधिक मिली अफसर दंपती की संपत्ति
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राजस्थान में दो बड़े अफसरों की काली कमाई की बात सामने आई है। यहां केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, सीबीआई ने उदयपुर आयकर विभाग में आयुक्त ऑडिट के पद पर तैनात आईआरएस अल्का राजवंशी जैन, रेलवे की कंपनी में ग्रुप जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत उनके पति अमित जैन और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट बेटे विकास राजवंशी के ठिकानों पर छापेमारी की।
बता दें सीबीआई की रेड शनिवार सुबह तक चली। इस कार्रवाई में अफसर दंपती के जयपुर, जोधपुर और उदयपुर के ठिकानों पर की गई। सीबीआई के अनुसार, दंपती की अप्रैल 2010 से जून 2018 तक के बीच कमाई तो सिर्फ 3.72 करोड़ ही हुई, लेकिन आय से 148.53 फीसद अधिक 9.25 करोड़ की संपत्ति जुटाकर यह दंपती सीबीआई के रडार पर आ गया।
जांच में 7.96 करोड़ की अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले
जोधपुर सीबीआई (एसीबी) ने दोनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। सीबीआई ने इस प्रकरण में दोनों के चार्टर्ड अकाउंटेंट बेटे विकास राजवंशी को भी आरोपी बनाया है। जांच में करीब 7.96 करोड़ की अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों व एफडी में करीब 70.4 लाख रुपये जमा होने के साथ 13.20 लाख रुपये की नकदी व ज्वेलरी मिली। इसके अलावा तीनों शहरों की कई बैंकों में लॉकर में से संपत्ति के कागजात भी मिले हैं।
जांच में 7.96 करोड़ की अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले
आयकर कमिश्नर अल्का राजवंशी पूर्व में जोधपुर में भी सीआईटी (अपील) के पद पर रह चुकी हैं। इसी दौरान उन्होंने जोधपुर की सबसे महंगी कॉलोनी उम्मेद हैरिटेज में बंगला लिया था। सीबीआई की टीमें शनिवार सुबह इस बंगले पर छानबीन में जुटी रही।
सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अल्का राजवंशी और उनके पति अमित जैन के खिलाफ प्रारंभिक शिकायत में 35.14 लाख रुपये कीमत की जयपुर के वैशाली नगर में प्लॉट और बनी पार्क में फ्लैट की जानकारी थी। इसके बाद टीम ने गोपनीय तरीके से छानबीन शुरू की तो जोधपुर, जयपुर व उदयपुर जिले में बेहिसाब संपत्ति होने के साक्ष्य सामने आते चले गए।
दंपती ने पद का किया दुरुपयोग
सीबीआई सूत्रों के अनुसार आयकर से जुड़े मामलों में बकाया टैक्स के विवाद की स्थिति में कोई भी कारोबारी अपील करता है तो उस पर सुनवाई का अधिकार (फेसलेस असेसमेंट शुरू होने से पहले तक) आयुक्त (अपील) के पास होता है। यानी, उक्त मामले में अपील करने वाले कारोबारी को राहत देनी है या नहीं, उस पर फैसला करने की जिम्मेदारी अल्का राजवंशी पर रहती है।
इसी तरह उनके पति अमित जैन रेलवे की कंपनी रेल विकास निगम लिमिटेड जोधपुर में ग्रुप जनरल मैनेजर हैं। रेलवे की इस कंपनी के जरिये करोड़ों के ठेके, रेलवे की डबल लाइन पर सिग्नलिंग के काम की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी रहती है।
सीबीआई की प्रारंभिक पड़ताल में यही सामने आया कि इन दोनों ने ही अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करोड़ों की संपत्ति अर्जित की और उसी से करोड़ों का निवेश प्रॉपर्टी व बैंकों में किया था।