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कस्तूरी का सौदा करते दो तस्कर गिरफ्तार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 12 Dec 2017 07:46 PM IST
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अजमेर पुलिस की गिरफ्त में वन्यजीव तस्कर
- फोटो : Amar Ujala
दुर्लभ कस्तूरी की तस्करी के आरोप में दो सगे भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से कस्तूरी भी बरामद हुई है।
अजमेर पुलिस को दुर्लभ वन्यजीवों की तस्करी की सूचना मिली थी। इस पर स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने आज मार्बल नगरी किशनगढ़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अजमेर स्पेशल पुलिस के इंचार्ज मनोज चौहान ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि वन्यजीवों के अवशेष को बेचने की फिराक में दो तस्कर किशनगढ़ में घूम रहे हैं।
इस पर उन्होंने किशनगढ़ थाना प्रभारी व उनकी टीम के साथ योजना बनाई और एक पुलिसकर्मी को बोगस ग्राहक बनाकर आरोपियों के पास भेजा। चौहान ने बताया कि जब आरोपियों ने उसे कस्तूरी मृग की कस्तूरी दिखाई और इसका सौदा करने लगे तभी पुलिसकर्मी ने टीम को इशारा कर दिया। मंझेला रोड पर दोनों को दबोच लिया और उनके कब्जे से बालों के गुच्छेनुमा कस्तूरी जप्त की गई जिसे वन्य अधिकारियों ने असली कस्तूरी होना बताया।
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अजमेर पुलिस को दुर्लभ वन्यजीवों की तस्करी की सूचना मिली थी। इस पर स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने आज मार्बल नगरी किशनगढ़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अजमेर स्पेशल पुलिस के इंचार्ज मनोज चौहान ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि वन्यजीवों के अवशेष को बेचने की फिराक में दो तस्कर किशनगढ़ में घूम रहे हैं।
इस पर उन्होंने किशनगढ़ थाना प्रभारी व उनकी टीम के साथ योजना बनाई और एक पुलिसकर्मी को बोगस ग्राहक बनाकर आरोपियों के पास भेजा। चौहान ने बताया कि जब आरोपियों ने उसे कस्तूरी मृग की कस्तूरी दिखाई और इसका सौदा करने लगे तभी पुलिसकर्मी ने टीम को इशारा कर दिया। मंझेला रोड पर दोनों को दबोच लिया और उनके कब्जे से बालों के गुच्छेनुमा कस्तूरी जप्त की गई जिसे वन्य अधिकारियों ने असली कस्तूरी होना बताया।
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इसलिए दुर्लभ है कस्तूरी
musk deer
- फोटो : amar ujala
दोनों आरोपी सगे भाई हैं। बड़ा भाई 77 वर्षीय रामनिवास हरिजन है जो कोटा के जवाहर नगर में रहता है जबकि छोटा भाई 60 वर्षीय रमेश हरिजन है। दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। दोनों से अन्य तस्करों का भी खुलासा हो सकता है। कार्रवाई करने वाली टीम में हैड काॅन्सटेबल मनोहर सिंह, रतन सिंह, जोगेन्द्र सिंह सहित अन्य थे।
गौरतलब है कि कस्तूरी एक खास प्रजाति के दुर्लभ मृग के शरीर से प्राप्त होती है। कस्तूरी का उपयोग दवाओं आदि में किया जाता है। कस्तूरी के कारण इस मृग का शिकार किया जाता है। इस कारण इसे संकटाग्रस्त प्रजाति घोषित किया गया है। कस्तूरी का व्यापार भी प्रतिबंधित है। अंतररष्ट्रीय मार्केट में इसकी कीमत लाखों में है।
गौरतलब है कि कस्तूरी एक खास प्रजाति के दुर्लभ मृग के शरीर से प्राप्त होती है। कस्तूरी का उपयोग दवाओं आदि में किया जाता है। कस्तूरी के कारण इस मृग का शिकार किया जाता है। इस कारण इसे संकटाग्रस्त प्रजाति घोषित किया गया है। कस्तूरी का व्यापार भी प्रतिबंधित है। अंतररष्ट्रीय मार्केट में इसकी कीमत लाखों में है।