फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan After 30 years of independence Pakistan had asked for a share in this fort of Rajasthan

Rajasthan: जब 'गुलाबी नगरी' के इस किले में हिस्सेदारी मांगकर पाकिस्तान ने मुंह की खाई थी,मिला था ये करारा जवाब

Wed, 29 Mar 2023 04:24 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 29 Mar 2023 04:24 PM IST
सार

Jaigarh Fort Jaipur: राजस्थान के जयपुर में स्थित जयगढ़ किला, आमेर किले से सुरंग के जरिए जुड़े इस किले में भारत सरकार को बड़ा खजाना मिला था। माना जाता है कि इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए भारतीय सेना यहां से 60 ट्रक सोना चांदी ले गई थी। बाद में जब पाकिस्तान को पता चला तो उसने भी हिस्सेदारी मांगी।

विज्ञापन
Rajasthan After 30 years of independence Pakistan had asked for a share in this fort of Rajasthan
जयपुर में स्थित जयगढ़ किला - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जयपुर का जयगढ़ किला, ऐसा कहते हैं कि मुगलकाल में यहां इतना खजाना छिपाया गया था कि भारतीय सेना को तीन दिन तक ट्रकों में भरकर ले जाना पड़ा। वैसे इस खजाने से जुड़ी जो कहानियां लोगों के बीच चल रही है और जो कहानियां इतिहासकार बताते हैं। उस बारे में भारत सरकार ने कभी कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन कहानी के मुताबिक, आपातकाल में इंदिरा गांधी सरकार ने जयगढ़ किले की खुदाई कराई थी। चूंकि जयपुर महारानी गायत्री देवी और गांधी परिवार के रिश्ते पहले से खराब हो चुके थे।

विज्ञापन


विज्ञापन


साल 1962 में हुए लोकसभा चुनाव में गायत्री देवी कांग्रेस को हराकर जयपुर की सांसद बनी थी। उसके बाद के चुनाव भी जीती। वो इंदिरा गांधी के खिलाफ खुलकर भाषण देती थी। इधर, आपातकाल में गायत्री देवी और उनके बेटे ब्रिगेडियर भवानी सिंह को दिल्ली जेल में बंद कर दिया गया। जयगढ़ किले को भारतीय सेना ने घेर लिया। करीब एक सप्ताह तक आमेर में कर्फ्यू लगाया गया। किले के करीब किसी को नहीं आने दिया। सात दिन खुदाई में इतना खजाना मिला कि उसे दिल्ली ले जाने में भारतीय सेना के ट्रक तीन दिन लगातार चलते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पाकिस्तान ने किया था दावा...
उस समय पाकिस्तान में जुल्फीकार अली भुट्टो की सरकार थी। भुट्टो ने 11 अगस्त 1976 को इंदिरा गाधी को पत्र लिखा। भुट्टो ने साल 1947 में हुए समझौते की याद दिलाई। पाकिस्तान का दावा था कि साल 1947 में हुए समझौते में खजाने में आधा हिस्सा हमारा है। चूंकि ये खजाना आजादी से पहले का है। ऐसे में हमारा भी हक है। इसका कई महीनों बाद इंदिरा गांधी ने जवाब दिया। इंदिरा गांधी ने कहा कि चूंकि हमें ऐसा कोई खजाना मिला भी नहीं है तो पाकिस्तान को हिस्सा देने का सवाल ही नहीं उठता। वैसे भी मैंने लीगल टीम से बात की है। साल 1947 के किसी भी समझौते की अब हम पर ऐसी कोई बाध्यता नहीं है कि हम आपको कोई हिस्सा दें।

कहां से आया था इतना खजाना...
जयपुर के आमेर में स्थित इस जयगढ़ किले में खजाने का रहस्य 500 साल पीछे का है। बताया जाता है कि साल 1581 में अकबर ने मान सिंह को अफगान मिशन पर भेजा। मान सिंह वहां के विद्रोहियों को कुचलने में कामयाब भी हुए, लेकिन राजपूत सेना ने वहां का जो खजाना लूटा, उसकी जानकारी अकबर को नहीं दी गई। मान सिंह ने ये खजाना आमेर किले में छिपा लिया और अकबर को कभी इसकी खबर नहीं मिली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed