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नेकी की दीवार के बाद अब 'रोटी बैंक', जरूरतमंदों का भरेगा पेट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 27 Nov 2017 09:07 PM IST
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रोटी बैंक
- फोटो : अमर उजाला
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नेकी की दीवार जरूरतमंदों को कपड़े उपलब्ध कराती है। इसकी तर्ज पर अब रोटी बैंक शुरू किया जा रहा है। जिसकी मदद से जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
यह पहल राजस्थान के झुंझुनूं में शुरू की गई है। रोटी बैंक के माध्यम से ऐसे लोग जो भीख मांगने पर मजबूर है या फिर अन्य कारण से रोटी का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं उन्हें भोजन उपलब्ध करावाया जाएगा। इस पहल में अभी रोजाना लगभग सौ लोगों के खाने का इंतजाम किया जाएगा।
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यह पहल राजस्थान के झुंझुनूं में शुरू की गई है। रोटी बैंक के माध्यम से ऐसे लोग जो भीख मांगने पर मजबूर है या फिर अन्य कारण से रोटी का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं उन्हें भोजन उपलब्ध करावाया जाएगा। इस पहल में अभी रोजाना लगभग सौ लोगों के खाने का इंतजाम किया जाएगा।
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कूपन से यूं मिलेगा भोजन-नाश्ता
रोटी बैंक
- फोटो : अमर उजाला
योजना के तहत जरूरतमंदों को भोजन, चाय व नाश्ते के कूपन दिए जाएंगे। इस अनूठी पहल के पीछे एसपी मनीष अग्रवाल की सोच है।
दरअसल कुछ देशों में प्रचलन है कि जब कोई व्यक्ति होटल में खाना खाता है तो वे एक अन्य व्यक्ति के लिए खाने का कूपन खरीदता है। यह कदम वहां भिक्षावृति पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है।
इसी तर्ज पर यहां भामाशाहों की मदद से यह पहल की गई है। रोटी बैंक के निदेशक देवीनंदन कुमावत ने बताया कि हर रोज सौ लोगों को खाना खिलाएंगे। आगे यह संख्या और भी बढ़ाई जाएगी।
दरअसल कुछ देशों में प्रचलन है कि जब कोई व्यक्ति होटल में खाना खाता है तो वे एक अन्य व्यक्ति के लिए खाने का कूपन खरीदता है। यह कदम वहां भिक्षावृति पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है।
इसी तर्ज पर यहां भामाशाहों की मदद से यह पहल की गई है। रोटी बैंक के निदेशक देवीनंदन कुमावत ने बताया कि हर रोज सौ लोगों को खाना खिलाएंगे। आगे यह संख्या और भी बढ़ाई जाएगी।