फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Padmavati controversy-Sensor board sent a proposal to Pre-royal family of Mewar

पद्मावती विवाद: सेंसर बोर्ड के बुलावे पर मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार ने उठाए ये सवाल

Sun, 24 Dec 2017 04:30 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sun, 24 Dec 2017 04:30 PM IST
विज्ञापन
Padmavati controversy-Sensor board sent a proposal to Pre-royal family of Mewar
विश्वराज सिंह और प्रसून जोशी - फोटो : अमर उजाला
'पद्मावती' फिल्म विवाद को निपटाने के लिए सेंसर बोर्ड ने मेवाड़ के पूर्व राजघराने के सदस्य विश्वराज सिंह मेवाड़ से इस फिल्म की सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में हिस्सा लेने की गुजारिश की है।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी की ओर से विश्वराज सिंह को फोन किया गया था और उन्हें मुम्बई आने का आग्रह किया गया। विश्वराज सिंह ने स्पष्ट कहा है कि उन्हें तो फिल्म की शैली से ही आपत्ति है। फिल्म कुछ स्थानों पर काल्पनिक और कुछ स्थानों पर ऐतिहासिक हो जाती है। हम फिल्म की इस शैली का स्पष्टीकरण चाहते हैं।
विज्ञापन


उनके अनुसार सेंसर बोर्ड ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि उन्हें मात्र सुझाव देने का अधिकार होगा या फिल्म के सीन भी कटवाने का। उन्होंने कहा है कि जब तक सेंसर बोर्ड ये स्थिति साफ नहीं करेगा, तब तक वे उनके बुलावे पर नहीं जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


संजय लीला भंसाली द्वारा निर्मित और निर्देर्शित फिल्म 'पद्मावती' में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ को लेकर राजपूत समाज में भारी आक्रोश है। विश्वराज ने कहा कि ये भी स्पष्ट नहीं है कि उन्हें किसी समिति में शामिल किया जाएगा या नहीं। यदि समिति बनेगी, तो उसकी प्रकृति, कार्यक्षेत्र और अधिकार क्या होंगे। ये सिर्फ सलाह देने वाली समिति होगी या फिर बदलाव करना भी इसका अधिकार होगा।

आपत्तिजनक हैं ट्रेलर व गानों के कई सीन - विश्वराज

Padmavati controversy-Sensor board sent a proposal to Pre-royal family of Mewar
Padmavati
विश्वराज सिंह ने कहा कि वर्तमान में फिल्म का ट्रेलर और गानों के सीन अत्यंत आपत्तिजनक हैं। ये दृश्य उस हर व्यक्ति के लिए आपत्तिजनक हैं जो इतिहास और संस्कृति को जानने का दावा करते हैं।

विश्वराज सिंह ने बताया कि पूर्व में उन्होंने सेंसर बोर्ड से फिल्म के विभिन्न पहलुओं के स्पष्टीकरण करने के लिए लिखा था। साथ ही उन्होंने बताया कि पद्मिनी राजपूत समाज के लिए आदर्श हैं। वहीं कुछ इतिहासकार पद्मिनी को एक कल्पिनिक चरित्र मानते हैं। जिसे जौहर की घटना के करीब दो शताब्दी के बाद मलिक मुहम्मद जायसी नामक कवि ने अपने काव्य पद्मावत में दर्शाया।

उन्होंने कहा कि उन्होंने 11 नवम्बर और 1 दिसम्बर को प्रसून जोशी को लिखे ईमेल में अपनी आपत्तियों के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन न तो उन ईमेल पर कोई ध्यान दिया गया और न ही कोई जवाब आया।

फिल्म हमारे पुरखों पर, लेकिन हमसे बात तक नहीं - विश्वराज

Padmavati controversy-Sensor board sent a proposal to Pre-royal family of Mewar
पद्मावती - फोटो : SOCIAL MEDIA
विश्वराज का कहना है कि फिल्म प्रमाणन में इतिहासकारों को भी सम्मिलित किया जाना चाहिए, हम ऐसा चाहते हैं। इससे फिल्म का ऐतिहासिक संदर्भ भी स्थापित हो पाएगा। फिल्म प्रमाणन बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि फिल्म को एक बार निर्माता के पास भेजा जा चुका है, क्योंकि उन्होंने सर्टिफिकेशन के फार्म ने फिक्शन की श्रेणी का कॉलम तो भरा, लेकिन ऐतिहासिक श्रेणी को खाली छोड़ दिया।

उन्होंने कहा कि फिल्म में मेरे पुरखों के नाम का उपयोग किया गया है। ऐतिहासिक घटनाओं को भी पेश किया गया है। यह सिर्फ कहानी नहीं इतिहास के अति महत्वपूर्ण चरित्रों और आदर्शों का भी फिल्माकंन है। फिल्म के प्रचार के लिए जारी किए गए दृश्यों में फिल्म निर्माताओं के सभी दावे झूठे साबित होते हैं। जिनमें वो इसे पूर्ण जिम्मेदारी से बनाने की बात कहते हैं।

मेवाड़ ने कहा कि उनके परिवार ने कभी भी इस फिल्म के निर्माण की अनुमति नहीं दी क्योंकि उनसे इस बारे में कोई बात ही नहीं की गई। इतने विशाल पैमाने पर बनाई गई फिल्म के लिए इस परिवार से संदर्भ भी नहीं लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed