{"_id":"5a60608c4f1c1b7b268b504d","slug":"padmaavat-maker-gets-relief-and-rajasthan-home-minister-says-this-about-order","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'पद्मावत' पर आए फैसले के बाद मची हलचल, वसुंधरा सरकार ने बुलाई बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'पद्मावत' पर आए फैसले के बाद मची हलचल, वसुंधरा सरकार ने बुलाई बैठक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 18 Jan 2018 02:43 PM IST
विज्ञापन
राजस्थान गृह मंत्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संजय लीला भंसाली और 'पद्मावत' फिल्म के निर्माताओं को आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। एपेक्स कोर्ट ने फिल्म को बैन वाले राज्यों में रिलीज करते हुए सबंधित राज्यों को कानून व्यवस्था से निपटने के लिए कहा। इस फिल्म को बैन करने वाले राज्यों में से एक राजस्थान के गृह मंत्री ने कहा है कि कोर्ट के फैसले का अध्ययन किया जाएगा।
गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आगे क्या किया जा सकते है इसके लिए कानूनी जानकारों की राय ली जाएगी। साथ ही कटारिया ने लॉ विभाग के अधिकारियों की भी बैठक बुलाई है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आज सुबह आए आदेश के बाद पद्मावत फिल्म की रिलीज देशभर में लगभग तय हो गई है। पद्मावत फिल्म 25 जनवरी को रिलीज की जा रही है।
विज्ञापन
गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आगे क्या किया जा सकते है इसके लिए कानूनी जानकारों की राय ली जाएगी। साथ ही कटारिया ने लॉ विभाग के अधिकारियों की भी बैठक बुलाई है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आज सुबह आए आदेश के बाद पद्मावत फिल्म की रिलीज देशभर में लगभग तय हो गई है। पद्मावत फिल्म 25 जनवरी को रिलीज की जा रही है।
विज्ञापन
चार राज्यों ने किया था ऐलान
गुलाबचंद कटारिया।
इधर, कोर्ट के इस निर्णय के बाद करणी सेना ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। करणी सेना व राजपूत समाज से जुड़े संगठन अब भी फिल्म को पूर्ण बैन की मांग पर अड़े हुए हैं। इन लोगों का कहना है कि फिल्म के विरोध में प्रस्तावित आंदोलन में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इससे पूर्व राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात व हरियाणा में फिल्म को बैन कर दिया गया था। जिसके विरोध में फिल्म निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।